मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले के वार्ड क्रमांक 09 नर्मदागंज निवासी सोनू बर्मन की शनिवार देर रात इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि 108 एंबुलेंस समय पर न पहुँचने और ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर द्वारा ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध न कराए जाने के कारण युवक की जान गई।
जानकारी के अनुसार सोनू बर्मन को शनिवार शाम लगभग 4:30 बजे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान शनिवार रात करीब 10 बजे उसकी मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि ड्यूटी डॉक्टर अमित जैन ने समय रहते ऑक्सीजन सिलेंडर देने से मना कर दिया और उचित इलाज नहीं किया।
वहीं इस मामले में डॉ. अमित जैन का कहना है कि मरीज की स्थिति पहले से ही गंभीर थी। उसे एल्कोहल लीवर की बीमारी, पेट में सूजन और किडनी में इंफेक्शन की समस्या थी। डॉक्टर का कहना है कि उन्होंने रात 09 बजे ही रेफर की पर्ची बना दी थी और मरीज को जबलपुर ले जाने की सलाह दी थी, लेकिन परिजन तैयार नहीं हुए।
मृतक की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। सूचना पर कोतवाली पुलिस और तहसीलदार मौके पर पहुँचे। परिजनों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की। तहसीलदार ने मामले की जांच कर प्रतिवेदन कलेक्टर को भेजने की बात कही है।
अब देखना यह होगा कि क्या वास्तव में अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही से सोनू बर्मन की मौत हुई या मामला बीमारी की गंभीरता का था। फिलहाल यह जांच का विषय है, जिसका खुलासा आने वाले दिनों में होगा। बरहाल, मृतक सोनू बर्मन मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। उसकी अचानक मौत से परिवार पर गहरा आर्थिक संकट छा गया है।


