— गोरखपुर बांध के पास झाड़ियों में मिला युवक, जिला अस्पताल में भर्ती ! पुलिस कर्मियों की लापरवाही की रिपोर्ट एसपी कार्यालय भेजी जाएगी।
मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले के शाहपुर थाना परिसर से पुलिस अभिरक्षा से फरार हुआ युवक करीब 36 घंटे बाद मंगलवार को जंगल में बेहोशी की हालत में मिला। परिजनों ने उसे तत्काल जिला अस्पताल डिंडौरी में भर्ती कराया, जहां उसका उपचार जारी है। युवक के होश में आने के बाद पुलिस उसके बयान दर्ज कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाएगी। वहीं मामले में ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों की लापरवाही को लेकर भी जांच शुरू कर दी गई है।
— ये रहा पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार शाहपुर थाना क्षेत्र का एक युवक रविवार रात पुलिस अभिरक्षा से भाग गया था। युवक के फरार होने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया था और उसकी तलाश के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे। दूसरी ओर परिजन भी अपने स्तर पर युवक की खोजबीन में जुटे हुए थे।
मंगलवार सुबह करीब 10 बजे युवक शाहपुर से लगभग आठ किलोमीटर दूर गोरखपुर बांध के ऊपर जंगल किनारे बेशरम की झाड़ियों के बीच अचेत अवस्था में मिला। युवक के भाई मुकेश मरावी ने बताया कि परिवार के लोग लगातार उसकी तलाश कर रहे थे। खोजबीन के दौरान युवक जंगल में बेहोशी की हालत में पड़ा मिला। उन्होंने आशंका जताई कि युवक ने बेशरम की पत्तियां खा ली थीं, जिसके कारण उसकी तबीयत बिगड़ गई। परिजनों ने उसे तत्काल वहां से निकालकर प्राथमिक सहायता दी और जिला अस्पताल पहुंचाया।
परिजनों के मुताबिक युवक के एक पैर में सूजन भी दिखाई दे रही है। जंगल में लंबे समय तक भटकने और भोजन-पानी नहीं मिलने के कारण उसकी हालत कमजोर हो गई थी। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसका परीक्षण कर उपचार शुरू किया।
जिला अस्पताल के ड्यूटी डॉक्टर डॉ. नितिन देशमुख ने बताया कि भर्ती किए गए युवक का शुगर लेवल और ब्लड प्रेशर सामान्य से कम पाया गया है। उसे आवश्यक दवाएं और चिकित्सकीय देखरेख उपलब्ध कराई जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि उपचार के बाद उसकी स्थिति में सुधार होने की संभावना है और जल्द ही वह सामान्य स्थिति में आ सकता है।
वहीं युवक की मां सिंधिया बाई ने बेटे के मिलने पर राहत व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले दो दिनों से पूरा परिवार चिंतित था। बेटे के सुरक्षित मिलने और अस्पताल में उपचार मिलने से उन्हें बड़ी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी अन्य बात की चिंता नहीं है, बस उनका बेटा पूरी तरह स्वस्थ हो जाए।
इधर, मामले को लेकर पुलिस भी सतर्क है। एसडीओपी अजय तिवारी ने बताया कि युवक के होश में आने के बाद उसके बयान दर्ज किए जाएंगे, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि वह थाने से भागने के बाद कहां-कहां रहा और किन परिस्थितियों में जंगल तक पहुंचा। उन्होंने बताया कि पुलिस अभिरक्षा से युवक के फरार होने की घटना को गंभीरता से लिया गया है। ड्यूटी पर तैनात पुलिस स्टाफ द्वारा बरती गई लापरवाही के संबंध में प्रतिवेदन तैयार कर पुलिस अधीक्षक कार्यालय भेजा जाएगा, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद पुलिस अभिरक्षा की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। जिले भर में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और सभी की निगाहें अब युवक के बयान पर टिकी हैं, जिससे पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।




