— जिला पंचायत डिंडौरी के विहित प्राधिकारी का आदेश, 15 दिन में राशि जमा नहीं करने पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई
डिंडौरी। ग्राम पंचायत पिपरिया, जनपद पंचायत बजाग में मनरेगा एवं 15वें वित्त आयोग के तहत कराए गए सीसी रोड निर्माण कार्य में वित्तीय अनियमितता पाए जाने पर जिला पंचायत डिंडौरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं विहित प्राधिकारी (पंचायत) ने सरपंच और तत्कालीन सचिव के विरुद्ध वसूली का आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार कुल 4 लाख 99 हजार 500 रुपये की राशि दोनों से बराबर-बराबर वसूल की जाएगी।
दरअसल जारी आदेश में बताया गया है कि जनपद पंचायत बजाग की जांच समिति द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन में ग्राम पंचायत पिपरिया में सीसी रोड निर्माण कार्य में नियमों के विरुद्ध सामग्री मद से 4,99,500 रुपये का आहरण किया जाना प्रमाणित पाया गया। जांच में यह भी उल्लेख किया गया कि निर्माण कार्य नियमानुसार नहीं कराया गया तथा शासकीय राशि का दुरुपयोग हुआ।
प्रकरण की सुनवाई के दौरान सरपंच श्रीमती सरिता बाई पट्टा एवं तत्कालीन सचिव लक्ष्मण सिंह धुर्वे को कई बार नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया। आदेश के अनुसार दोनों को सात अवसर दिए गए, लेकिन वे अपने पक्ष में ऐसा कोई दस्तावेज या साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सके, जिससे जांच प्रतिवेदन का खंडन हो सके।
विहित प्राधिकारी ने उपलब्ध अभिलेखों एवं जांच रिपोर्ट के आधार पर मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 की धारा 92 के तहत दोनों के विरुद्ध 2,49,750-2,49,750 रुपये की देयता निर्धारित की है। आदेश में कहा गया है कि यह राशि भू-राजस्व की बकाया राशि की भांति वसूल की जाएगी।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि 15 दिनों के भीतर राशि जमा नहीं करने पर संबंधितों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। वहीं तत्कालीन सचिव के वेतन-भत्तों से प्रतिमाह 30 प्रतिशत राशि काटकर वसूली किए जाने के निर्देश भी दिए गए हैं। यह कार्रवाई पंचायतों में विकास कार्यों के क्रियान्वयन में वित्तीय पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।




