— DPI बैठक में सहमति, पात्र शिक्षकों को वेतनवृद्धि और समयमान वेतनमान के आदेश भी जल्द
भोपाल। स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत आयुक्त, लोक शिक्षण (डीपीआई) के समक्ष आयोजित अहम बैठक में शिक्षकों और कर्मचारियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों ने विभिन्न मांगें रखीं, जिन पर विभाग ने सकारात्मक रुख दिखाया। बैठक में आयुक्त अभिषेक सिंह के साथ वरिष्ठ अधिकारी के.के. द्विवेदी, कामना आचार्य, धर्मेंद्र शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। कर्मचारी संघ द्वारा प्रस्तुत सुझावों पर गंभीरता से विचार करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
सबसे अहम निर्णय शिक्षकों की टीईटी परीक्षा को लेकर रहा। विभाग ने स्पष्ट किया कि जल्द ही एक सुव्यवस्थित आदेश जारी किया जाएगा, जिसमें यह तय होगा कि किन शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य होगी और किन्हें नियमानुसार छूट दी जाएगी। इस मामले में लंबित प्रकरण को लेकर सर्वोच्च न्यायालय में शासकीय अधिवक्ता से अभिमत लिया जा रहा है, जिसके बाद आवश्यकतानुसार पुनर्याचिका दायर की जाएगी।
इसके अलावा, वेतनवृद्धि और समयमान वेतनमान के पात्र शिक्षकों के मामलों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि उन्हें समय पर लाभ मिल सके। यदि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा टीईटी संबंधी निर्देश यथावत रहते हैं, तो परीक्षा में शामिल होने वाले शिक्षकों के लिए तहसील और विकासखंड स्तर पर प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे उनकी तैयारी बेहतर हो सके।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि डीपीआई स्तर पर जल्द ही एक परामर्शदात्री बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें लंबित समस्याओं के समाधान पर विस्तृत चर्चा होगी। विभाग ने उम्मीद जताई है कि इन फैसलों के प्रभावी क्रियान्वयन से शिक्षकों और कर्मचारियों की लंबित समस्याओं का जल्द निराकरण होगा। बैठक में मध्यप्रदेश शिक्षक संघ, मध्यप्रदेश शिक्षक कांग्रेस और मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
