— श्रमिकों की सुरक्षा और शोषण रोकने पर फोकस, सभी विभागों को दिए गए सख्त निर्देश
डिंडौरी। जिले में श्रमिकों के पलायन, उनकी सुरक्षा और शोषण की रोकथाम को लेकर मंगलवार को कलेक्टर सभागार में जिला टास्क फोर्स समिति एवं जिला सतर्कता समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दिव्यांशु चौधरी ने की, जिसमें पुलिस अधीक्षक वाहनी सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और एनजीओ जनसाहस के प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक में श्रम विभाग द्वारा 5 जनवरी 2026 को हुई पिछली बैठक के बाद की गई कार्रवाई का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया गया। इस दौरान बाल श्रम एवं बंधुआ मजदूरी उन्मूलन को लेकर चलाए गए जागरूकता अभियान, शिविरों और विभिन्न स्थानों पर किए गए निरीक्षणों की जानकारी साझा की गई।
बैठक का मुख्य मुद्दा जिले से अन्य जिलों और राज्यों में रोजगार के लिए पलायन करने वाले श्रमिकों से जुड़ा रहा। श्रम विभाग ने बताया कि बाहर कार्य के लिए जाने वाले सभी श्रमिकों को पेसा एक्ट 1996 के तहत ग्राम पंचायत या संबंधित समिति में अपनी पूरी जानकारी दर्ज कराना अनिवार्य है। इसमें कार्यस्थल का पता, नियोजक का नाम, श्रमिकों की संख्या, नाम और आधार कार्ड जैसी जरूरी जानकारी शामिल है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने निर्देश दिए कि इस व्यवस्था का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाए और सभी संबंधित विभागों व ग्राम पंचायतों को इसकी जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की सुरक्षा, पारदर्शिता बनाए रखने और किसी भी प्रकार के शोषण को रोकने के लिए यह प्रक्रिया बेहद जरूरी है। बैठक में महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, जनजातीय कार्य विभाग और बैंकिंग क्षेत्र के अधिकारियों ने भी अपने सुझाव दिए और समन्वय के साथ काम करने पर जोर दिया।





