भोपाल। समग्र शिक्षा योजना के तहत मध्यप्रदेश को चौथी और अंतिम किश्त के रूप में 688.44 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी यह राशि प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। खास बात यह है कि देश के बड़े राज्यों में मध्यप्रदेश पहला राज्य बना है, जिसे इस योजना की चौथी किश्त जारी की गई है। स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री Uday Pratap Singh ने इस उपलब्धि पर विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सफलता Mohan Yadav के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की स्कूली शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता और निरंतर प्रयासों को दर्शाती है।
मंत्री सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में पूरी गंभीरता और तत्परता से काम कर रही है। विद्यार्थियों के हित में संचालित योजनाओं का समय पर क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया है, ताकि शिक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की बाधा न आए। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि स्कूली शिक्षा के विकास में धन की कोई कमी न होने दी जाए। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि वर्तमान शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से ही विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें, लैपटॉप, साइकिल, स्कूटी, छात्रवृत्तियां, गणवेश और स्टायपेंड जैसी योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया गया है।
गौरतलब है कि समग्र शिक्षा योजना केन्द्र और राज्य सरकार के साझा बजट से संचालित होती है, जिसमें 60 प्रतिशत राशि केन्द्र सरकार और 40 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा वहन की जाती है। योजना के तहत राशि त्रैमासिक किश्तों में जारी की जाती है और अगली किश्त तभी मिलती है जब राज्य सरकार अपनी अंश राशि जारी करने के साथ पिछली किश्त का कम से कम 75 प्रतिशत व्यय सुनिश्चित कर लेती है।




