— 5वीं अनुसूचित क्षेत्र में नियमों के उल्लंघन और ग्राम सभा की अनदेखी की शिकायत पर केंद्र ने लिया संज्ञान, जांच कर कार्रवाई के निर्देश
डिंडौरी/मंडला। मंडला जिले में प्रस्तावित अपर बुढ़नेर वृहद बांध परियोजना अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है। आदिवासी बहुल क्षेत्र में बनने वाली इस परियोजना को लेकर की गई शिकायत पर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने गंभीरता दिखाते हुए मध्यप्रदेश सरकार से जवाब तलब किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार डिंडौरी जिला सरपंच संघ के जिलाध्यक्ष इंजी. फूल सिंह मरकाम तथा कामता सिंह परस्ते सहित 22 ग्रामीणों द्वारा राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग और पर्यावरण मंत्रालय सहित कई संवैधानिक संस्थाओं को शिकायत भेजी गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मंडला जिले के 5वीं अनुसूचित क्षेत्र में प्रस्तावित अपर बुढ़नेर वृहद बांध परियोजना में संवैधानिक एवं वैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन किया जा रहा है। आरोप है कि ग्राम सभाओं की सहमति लिए बिना वन भूमि अधिग्रहण और निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इस मामले में केंद्र सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के वन संरक्षण प्रभाग ने मध्यप्रदेश शासन के प्रमुख सचिव (वन) को पत्र भेजकर शिकायत की जांच कराने और नियमानुसार उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। मंत्रालय ने यह भी कहा है कि जांच के बाद की गई कार्रवाई की जानकारी सीधे शिकायतकर्ता को दी जाए और इसकी सूचना मंत्रालय को भी भेजी जाए।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि परियोजना के अंतर्गत कथित रूप से लगभग 7.5 करोड़ रुपये का भुगतान नियमों के विरुद्ध किया गया है। इस संबंध में भी जांच की मांग की गई है। मंत्रालय के उप वन महानिरीक्षक द्वारा जारी पत्र के बाद अब राज्य सरकार स्तर पर इस पूरे मामले की जांच और कार्रवाई को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज होने की संभावना है।




