— गलत तरीके से नियमित किए गए कर्मचारियों के आदेश निरस्त होंगे, अधिकारियों पर भी कार्रवाई के निर्देश
भोपाल। मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने सीपीसीटी (CPCT) परीक्षा को लेकर बड़ा और सख्त स्पष्टीकरण जारी किया है। शासन ने स्पष्ट किया है कि 40 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर किसी भी शासकीय सेवक को सीपीसीटी परीक्षा से छूट देने का कोई प्रावधान नहीं है। इसके बावजूद यदि किसी विभाग या कार्यालय द्वारा कर्मचारियों की परिवीक्षा समाप्त कर नियमितीकरण किया गया है, तो ऐसे सभी आदेश तत्काल निरस्त किए जाएंगे।
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश में बताया गया है कि कुछ विभागों एवं अधीनस्थ कार्यालयों द्वारा वर्ष 1984 एवं 1992 के पुराने परिपत्रों की त्रुटिपूर्ण व्याख्या की जा रही थी। इन परिपत्रों के आधार पर 40 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले कर्मचारियों को सीपीसीटी परीक्षा से छूट देकर नियमित किया जा रहा था, जबकि ये परिपत्र केवल हिन्दी मुद्रलेखन परीक्षा में छूट से संबंधित हैं।
शासन ने स्पष्ट किया कि सहायक ग्रेड-3 सहित विभिन्न पदों के लिए सीपीसीटी परीक्षा एक अनिवार्य योग्यता है, जो कंप्यूटर दक्षता से जुड़ी है। वहीं हिन्दी टाइपिंग टेस्ट अलग अर्हता है। दोनों परीक्षाओं को समान मानकर छूट देना नियम विरुद्ध है।
आदेश में यह भी कहा गया है कि सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा सीपीसीटी परीक्षा से छूट संबंधी कोई निर्देश या प्रावधान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में जिन कर्मचारियों को गलत तरीके से छूट देकर नियमित किया गया है, उनके आदेश निरस्त किए जाएं और संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध भी समुचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। शासन के इस आदेश के बाद विभिन्न विभागों में सीपीसीटी छूट के आधार पर हुए नियमितीकरण मामलों की समीक्षा शुरू होने की संभावना है।
