— 2006 से चल रहा था खेल! 16 बसों से 9 करोड़ की टैक्स चोरी का पर्दाफाश
डिंडौरी। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ, जबलपुर (EOW) ने डिंडौरी जिले में यात्री बसों के जरिए करीब 9 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए बस मालिक दंपत्ति और परिवहन विभाग के एक कर्मचारी सहित अन्य के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज किया है। मामला वर्ष 2006 से 16 फरवरी 2026 के बीच का बताया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रकोष्ठ मुख्यालय भोपाल से मिली शिकायत के आधार पर जांच की गई। शिकायत में आरोप था कि संजय केशवानी एवं साधना केशवानी के नाम दर्ज यात्री बसों पर भारी टैक्स बकाया होने के बावजूद जिला परिवहन कार्यालय डिंडौरी से परमिट और फिटनेस जारी किए जाते रहे।
जांच में सामने आया कि दोनों वाहन मालिकों के नाम पर कुल 16 बसें डिंडौरी, जबलपुर, शहडोल, मंडला एवं बालाघाट जिलों में पंजीकृत थीं। ये बसें डिंडौरी-जबलपुर, डिंडौरी-बम्हनी बिछिया-डिंडौरी और अमरकंटक-मलाजखंड मार्ग पर संचालित की जा रही थीं। आरोप है कि वर्ष 2006 से 2025 तक विभिन्न बसों का टैक्स जमा नहीं किया गया।
बताया गया कि वाहन मालिकों ने बसों को वर्ष 2006 से कबाड़ में बेच दिए जाने की सूचना परिवहन कार्यालय को दे दी और इसके बाद टैक्स भुगतान बंद कर दिया। वर्ष 2017 में जब जिला परिवहन कार्यालय डिंडौरी द्वारा बकाया वसूली की प्रक्रिया प्रारंभ की गई तो संबंधित बसों की टैक्स फाइलें गायब पाई गईं।
जांच में यह भी आरोप सामने आया कि उस समय पदस्थ सहायक ग्रेड-1 पुष्प कुमार प्रधान द्वारा टैक्स संबंधी मूल फाइलों को सुरक्षित नहीं रखा गया, जिससे वसूली प्रक्रिया प्रभावित हुई। फाइलें उपलब्ध न होने के कारण विभाग अब तक टैक्स वसूल नहीं कर पाया, जिससे शासन को लगभग 9 करोड़ रुपये की आर्थिक क्षति होना बताया गया है।
EOW ने संजय केशवानी, साधना केशवानी एवं सहायक ग्रेड-1 पुष्प कुमार प्रधान सहित अन्य के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318(4), 61(2), 238 तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत अपराध क्रमांक 2026 दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी है।



