Crime News : 21.5 मीट्रिक टन धान का अवैध भंडारण, खाद्य विभाग ने 9 आरोपियों पर की FIR दर्ज…..

Rathore Ramshay Mardan
4 Min Read

जबलपुर। समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन व्यवस्था का गलत फायदा उठाकर अवैध परिवहन और भंडारण करने के मामले में खाद्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की शिकायत पर कुंडम थाने में 9 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। आरोप है कि इंदौर से जबलपुर भेजी गई करीब 21.5 मीट्रिक टन धान को नियमों के विपरीत तिलसानी स्थित वाजपेयी वेयरहाउस में अवैध रूप से भंडारित किया गया।

प्रशासन द्वारा जारी FIR के अनुसार कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देश पर अनुविभागीय राजस्व अधिकारी कुंडम द्वारा मामले की जांच की गई। जांच में सामने आया कि व्यापारियों, बिचौलियों, खरीदी केंद्र प्रभारी, कंप्यूटर ऑपरेटर और वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के कर्मचारी की मिलीभगत से यह धोखाधड़ी की गई और अवैध लाभ कमाने का प्रयास किया गया।

प्रशासन द्वारा जारी fir काफी

कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी की शिकायत पर मामला दर्ज

इस प्रकरण की रिपोर्ट कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी कुंडम आभा शर्मा द्वारा 3 फरवरी 2026 को थाना कुंडम में दर्ज कराई गई। यह कार्रवाई कलेक्टर (खाद्य शाखा) जबलपुर के आदेश के पालन में की गई।

इंदौर से भेजी गई धान, तिलसानी में मिला अवैध भंडारण

जांच में पाया गया कि 13 जनवरी 2026 को मां वैष्णव ट्रांसपोर्ट कंपनी, देवास (इंदौर) से ट्रक नंबर UP83BT4945 के जरिए धान जबलपुर के लिए भेजी गई थी। इसे समर्थन मूल्य पर विक्रय के नाम पर लाया गया, लेकिन बाद में इसे अवैध रूप से वेयरहाउस में भंडारित करा दिया गया।

जांच में गंभीर अनियमितताओं का खुलासा

एसडीओ (राजस्व) कुंडम की जांच रिपोर्ट में सचिन साहू, यदुनंदन उर्फ सोनू गोस्वामी, बादल सुहाने, बुद्धसेन कोल सहित अन्य की संलिप्तता सामने आई है। इसके अलावा प्रकरण में प्रयुक्त वाहनों MP20 CN 1764, MP20 ZL 9242 और MP20 4776 की गतिविधियों की भी विस्तृत जांच की जा रही है।

फर्जी व्यापारिक गतिविधियों का संदेह

जांच के दौरान सुहाने ट्रेडर्स के पते पर निरीक्षण किया गया, जहां केवल आवास मिला। वहां न तो फर्म का बोर्ड था और न ही कोई व्यापारिक गतिविधि दिखाई दी। विभाग ने बिलों और दस्तावेजों की वाणिज्यिक कर विभाग से जांच कराने की अनुशंसा की है।

9 आरोपियों पर दर्ज हुई एफआईआर

इस मामले में जिन आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है उनमें सचिन साहू, यदुनंदन उर्फ सोनू गोस्वामी, कमलेश (चौकीदार), बादल सुहाने, बुद्धसेन कोल, पूरन सिंह बरकडे (खरीदी केंद्र प्रभारी), अमितपुरी गोस्वामी (ऑपरेटर), मनीष पटले (MPWLC कर्मचारी) सहित अन्य शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 316(2), 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रशासन ने साफ किया है कि धान उपार्जन व्यवस्था में किसी भी तरह की अनियमितता, अवैध परिवहन या भंडारण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

                        प्रशासन द्वारा जारी fir काफी 2
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *