भोपाल। प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में आदिवासी और ग्रामीण विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम जनमन योजना) के तहत प्रदेश के 22 जिलों में निवासरत बैगा, भारिया और सहरिया जनजाति बहुल क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर सड़क और पुलिया निर्माण कराया जाएगा। इस योजना पर लगभग 795 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
सरकार द्वारा स्वीकृत इस योजना के अंतर्गत 1,039 किलोमीटर लंबी सड़कों और 112 पुलियों का निर्माण किया जाएगा। इसका उद्देश्य वर्षों से उपेक्षित और दुर्गम आदिवासी क्षेत्रों को मुख्य मार्गों से जोड़ना है, ताकि इन इलाकों के लोगों को आवागमन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें। सड़क संपर्क बेहतर होने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी और स्थानीय उत्पादों को बाजार तक पहुंच आसान होगी।
कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप ने कहा कि यह निर्णय आदिवासी समाज के समग्र विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है। पीएम जनमन योजना के माध्यम से सरकार का प्रयास है कि अति पिछड़े जनजातीय समुदायों को बुनियादी सुविधाओं से जोड़ा जाए और उनके जीवन स्तर में सुधार लाया जाए।
कैबिनेट बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि आने वाले समय में ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास को प्राथमिकता दी जाएगी। सड़क और पुलिया निर्माण से न केवल गांवों का शहरों से जुड़ाव बढ़ेगा, बल्कि आपातकालीन सेवाओं, कृषि गतिविधियों और शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में भी तेजी आएगी।
