मध्यप्रदेश पुलिस केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि संकट की घड़ी में नागरिकों के जीवन की रक्षा कर मानवीय कर्तव्य का भी निर्वहन करती है। इसी का प्रेरणादायक उदाहरण नागदा पुलिस ने प्रस्तुत किया है, जहां थाना प्रभारी अमृतलाल गवरी की त्वरित सूझबूझ और साहस से एक युवक की जान बचाई जा सकी।
घटना उस समय की है जब नागदा थाना प्रभारी अमृतलाल गवरी नियमित गश्त पर थे। इसी दौरान एक व्यक्ति घबराई हालत में दौड़ता हुआ उनके पास पहुंचा और बताया कि उसके बेटे ने फांसी लगा ली है। सूचना की गंभीरता को समझते हुए थाना प्रभारी बिना विलंब किए पुलिस टीम के साथ तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे।
मौके पर पहुंचते ही पुलिस टीम ने दरवाजा तोड़कर युवक को फांसी के फंदे से नीचे उतारा। परिजन युवक को मृत मानकर शोक में डूब गए, लेकिन थाना प्रभारी गवरी ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपने प्रशिक्षण में सीखी गई सीपीआर (CPR) तकनीक का उपयोग करते हुए तुरंत जीवनरक्षक प्रयास शुरू किए। कुछ ही मिनटों के निरंतर प्रयासों के बाद युवक की धड़कनें सामान्य होने लगीं।
इसके बाद युवक को तत्काल प्राथमिक उपचार के लिए रतलाम अस्पताल भेजा गया, जहां उसका उपचार जारी है। इस मानवीय और साहसिक कार्रवाई से पीड़ित परिवार ने थाना प्रभारी अमृतलाल गवरी एवं नागदा पुलिस का हृदय से आभार व्यक्त किया।
इस सराहनीय कार्य की जानकारी पुलिस मुख्यालय पहुंचने पर पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने थाना प्रभारी अमृतलाल गवरी की खुले दिल से प्रशंसा की और उन्हें 10 हजार रुपये का नगद पुरस्कार प्रदान किया। पुलिस महानिदेशक ने इस कार्य को सम्पूर्ण मध्यप्रदेश पुलिस बल के लिए प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि ऐसे उदाहरण पुलिस और समाज के बीच विश्वास को और अधिक मजबूत करते हैं।
