मध्यप्रदेश के देवास जिले के सतवास नगर परिषद क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के दौरान घटित गंभीर घटना के बाद जिला प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर देवास ने प्रभारी तहसीलदार सतवास अरविंद दिवाकर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई प्रशासनिक लापरवाही और कानून-व्यवस्था की समुचित तैयारी न होने के चलते की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर परिषद सतवास अंतर्गत नाली पर किए गए अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई राजस्व एवं नगर परिषद अमले द्वारा की जा रही थी। इसी दौरान अतिक्रमणकर्ता संतोष व्यास और उनकी पत्नी जयश्री व्यास ने कार्रवाई का विरोध करते हुए कथित रूप से अपने शरीर पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा ली। इस घटना में दोनों गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
घटना के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति निर्मित हो गई। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर एकत्र हो गए और प्रशासन के प्रति नाराजगी जताई। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल को तैनात करना पड़ा। घटना ने न केवल प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए, बल्कि शासन की छवि को भी नुकसान पहुंचाया।

कलेक्टर कार्यालय द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि अतिक्रमण हटाने जैसी संवेदनशील कार्रवाई से पहले कानून-व्यवस्था, पुलिस बल की उपलब्धता तथा संभावित विरोध की स्थिति को लेकर पर्याप्त तैयारी नहीं की गई। इसे अपने पदीय कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही, उदासीनता एवं अनियमितता मानते हुए प्रभारी तहसीलदार अरविंद दिवाकर को निलंबित किया गया है। आदेश के अनुसार निलंबन अवधि में दिवाकर का मुख्यालय कलेक्ट्रेट देवास निर्धारित किया गया है और वे नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त करने के पात्र रहेंगे। यह आदेश तत्काल प्रभावशील हो गया है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तर पर समीक्षा की जा रही है। साथ ही, भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए अतिक्रमण विरोधी कार्रवाइयों के दौरान सुरक्षा और संवाद की रणनीति को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए जा सकते हैं।
