— शिक्षक संगठनों की आपत्तियों के बाद डीईओ ने भोपाल को भेजा संशोधित पत्र
मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले में ई-अटेंडेंस ऐप “हमारे शिक्षक” की तकनीकी खामियों और इसके आधार पर वेतन रोकने के आदेश को लेकर शिक्षकों में गहरी नाराजगी व्याप्त है। इसी मुद्दे को लेकर तीन बड़े कर्मचारी-शिक्षक संगठनों ने जिला शिक्षा अधिकारी ग्वालियर को ज्ञापन सौंपते हुए अनिवार्य ई-अटेंडेंस व्यवस्था पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। मामला गंभीर होते देख जिला शिक्षा अधिकारी हरिओम चतुर्वेदी ने मंगलवार को आयुक्त, लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल को संशोधित पत्र भेजकर पूरे विवाद की जानकारी दी और आगे की दिशा-निर्देश प्रदान करने का अनुरोध किया है।
कलेक्टर ग्वालियर द्वारा 28 नवंबर 2025 को जिले के सभी शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए ई-अटेंडेंस (लॉगिन/लॉगआउट) को अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश जारी किए गए थे। इसके पालन में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा नवंबर माह का वेतन भी ई-अटेंडेंस के आधार पर आहरित करने के आदेश जारी किए गए थे। इसी आदेश ने शिक्षकों में असंतोष को बढ़ा दिया। शिक्षकों का कहना है कि “हमारे शिक्षक” ऐप में लगातार गड़बड़ियां सामने आ रही हैं, कई बार ऐप खुलता नहीं है, लोकेशन त्रुटि आती है, लॉगिन-लॉगआउट दर्ज नहीं होता और नेटवर्क समस्या के कारण उपस्थिति पूरी नहीं हो पाती। ऐसे में ऐप आधारित उपस्थिति को वेतन से जोड़ना अनुचित और हानिकारक बताया जा रहा है।
इन्हीं समस्याओं को लेकर मप्र अधिकारी/कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा, प्रातीय शिक्षक संघ मध्यप्रदेश तथा नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम मध्यप्रदेश ने जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मांग की कि जब तक माननीय उच्च न्यायालय, जबलपुर में ई-अटेंडेंस से जुड़े प्रकरण का अंतिम निराकरण नहीं हो जाता, तब तक ई-अटेंडेंस व्यवस्था को अनिवार्य रूप से लागू करने और इसके आधार पर वेतन रोकने की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए। संगठनों का कहना है कि यह व्यवस्था शिक्षकों को दंडित करने के बजाय उन्हें मानसिक रूप से परेशान कर रही है और तकनीकी खामियों का खामियाजा शिक्षकों को भुगतना पड़ रहा है।
सभी संगठनों के ज्ञापनों को संलग्न करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी हरिओम चतुर्वेदी ने लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल को भेजे गए संशोधित पत्र में अनुरोध किया है कि इस संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश उपलब्ध कराए जाएं, ताकि जिले में शिक्षकों की समस्याओं का समाधान हो सके और वेतन से जुड़े विवाद की स्थिति निर्मित न हो। पत्र की प्रतियां मुख्य सचिव स्कूल शिक्षा विभाग भोपाल, आयुक्त ग्वालियर संभाग, कलेक्टर ग्वालियर सहित संबंधित संगठनों को भी प्रेषित की गई हैं।
ई-अटेंडेंस को लेकर उठी आपत्तियों ने शिक्षा विभाग में हलचल बढ़ा दी है और अब जिले के सैकड़ों शिक्षक शासन स्तर पर होने वाले निर्णय का इंतजार कर रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि वे तकनीकी रूप से सक्षम प्रणाली के पक्षधर हैं, लेकिन तकनीकी खामियों से भरी व्यवस्था को मजबूरी में लागू करना उचित नहीं है। अब नज़रें भोपाल से आने वाले निर्देशों पर टिकी हैं, जो आगे की कार्यवाही का मार्ग तय करेंगे।




