मध्य प्रदेश में शनिवार को 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के असाक्षर व्यक्तियों के लिए बुनियादी साक्षरता मूल्यांकन परीक्षा का आयोजन किया गया। राज्यभर में इस परीक्षा में लगभग 17 लाख से अधिक परीक्षार्थियों ने भाग लिया। यह परीक्षा नव भारत साक्षरता कार्यक्रम (ULLAS – Understanding Lifelong Learning for All in Society) के अंतर्गत कराई गई, जिसका मुख्य उद्देश्य वयस्कों को पढ़ना-लिखना और अंकगणित का बुनियादी ज्ञान उपलब्ध कराना है। परीक्षा के लिए जिलों और ब्लॉकों स्तर पर विशेष केंद्र स्थापित किए गए थे।
राज्य साक्षरता मिशन के अधिकारियों के अनुसार, इस मूल्यांकन परीक्षा के माध्यम से यह आकलन किया जाएगा कि कितने शिक्षार्थी बुनियादी साक्षरता हासिल कर चुके हैं। परीक्षा में मुख्य रूप से पढ़ने, लिखने और संख्यात्मक ज्ञान से जुड़े प्रश्न पूछे गए। विशेषज्ञों का कहना है कि इस पहल से लाखों लोग साक्षर बनकर न केवल अपने व्यक्तिगत जीवन में आत्मनिर्भर होंगे, बल्कि समाज और राज्य के विकास में भी सक्रिय योगदान देंगे। मध्य प्रदेश इस मामले में देश के उन अग्रणी राज्यों में शामिल है, जहां वयस्क साक्षरता कार्यक्रम को व्यापक स्तर पर लागू किया जा रहा है। यह पहल राज्य में शिक्षा और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने के प्रयासों का हिस्सा मानी जा रही है।


