Corruption exposed in Dindori: भ्रष्टाचार की पुष्टि के बाद जिला प्रशासन सख़्त, सरपंच-सचिव से होगी वसूली, हाईकोर्ट ने 3 हफ़्तों में 50% राशि जमा करने के दिए आदेश….

Rathore Ramshay Mardan
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मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले के जनपद पंचायत शहपुरा अंतर्गत ग्राम कंचनपुर में निर्माणाधीन तालाब का निरीक्षण करने पहुंचे जल संसाधन विभाग के अनुविभागीय अधिकारी अमित उइके ने कई खामियां पाईं। शनिवार को अपने दल के साथ स्थल निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि तालाब का कार्य अपूर्ण है और इसके निर्माण से श्मशान घाट का बड़ा हिस्सा डूब क्षेत्र में आ गया है। निरीक्षण के समय अधिकारी ने विभिन्न बिंदुओं पर बारीकी से जांच की तथा फोटोग्राफिक साक्ष्य संकलित किए। उन्होंने बताया कि प्राक्कलन राशि की जानकारी उपलब्ध नहीं है, परंतु वास्तविक स्थिति का सत्यापन कर विस्तृत रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपी जाएगी।

गौरतलब है कि कंचनपुर तालाब निर्माण कार्य में सरपंच, सचिव और उपयंत्री की लापरवाही के चलते अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की शिकायत ग्रामीणों ने पूर्व में जिला कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ से की थी। जांच के बाद दोष सिद्ध होने पर संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ रिकवरी आदेश जारी किया गया। इसके विरोध में सरपंच और सचिव ने उच्च न्यायालय में अपील दायर की थी, जिसमें उन्हें 50 प्रतिशत राशि तीन सप्ताह में जमा करने की मोहलत दी गई थी। यह अवधि 22 सितंबर को समाप्त हो रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सिर्फ रिकवरी ही नहीं बल्कि तत्काल पद से बर्खास्तगी और कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस प्रकरण में आगे क्या कदम उठाता है। ग्रामीणों की नजरें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं

इनका कहना है”

“मुझे जिला प्रशासन द्वारा भौतिक सत्यापन का कार्य सौंपा गया है। मैंने स्थलीय निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र किए हैं। विस्तृत रिपोर्ट जिला प्रशासन को प्रस्तुत की जाएगी, आगे की कार्रवाई प्रशासन के स्तर पर होगी।

— अमित उइके , अनुविभागीय अधिकारी शहपुरा जिला डिंडौरी।

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