भोपाल। शिक्षक दिवस के अवसर पर आर.सी.व्ही.पी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी भोपाल में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन हुआ। समारोह में राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया।
समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा की कि प्रदेश के शैक्षणिक संवर्ग के सहायक शिक्षक, उच्च शिक्षक, नवीन शैक्षणिक संवर्ग के प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षकों को चतुर्थ समयमान वेतनमान का लाभ दिया जाएगा। इससे प्रदेश के 1 लाख 50 हजार शिक्षक लाभान्वित होंगे। इस पर सरकार को करीब 117 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेश के 55 लाख विद्यार्थियों को शाला गणवेश के लिए 330 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज के निर्माता हैं और उनके मान-सम्मान तथा सुविधा के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है।
राज्यपाल श्री पटेल ने अपने उद्बोधन में कहा कि “समाज की चुनौतियों का समाधान करने के लिए शिक्षकों को आगे आना होगा। शिक्षक केवल ज्ञान ही नहीं, बल्कि संस्कार और जीवन मूल्य भी प्रदान करते हैं।” उन्होंने गुरू-शिष्य परंपरा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए शिक्षकों से नई पीढ़ी को संस्कारित और राष्ट्रप्रेमी बनाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “ज्ञान का दान सेवा भी है और समर्पण भी। गुरु ही अपने ज्ञान से जीवन को प्रकाशमय बनाते हैं।” उन्होंने शिक्षकों को भविष्य निर्माण में अपनी भूमिका को और मजबूत करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि शिक्षकों का आशीर्वाद ही भारत को विश्व में गौरवान्वित कर रहा है। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, राज्यमंत्री कृष्णा गौर, महापौर मालती राय, विधायक रामेश्वर शर्मा, विधायक भगवानदास सबनानी सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

