मध्यप्रदेश शासन जनजातीय कार्य विभाग मंत्रालय भोपाल द्वारा 21 अगस्त 2025 को जारी आदेश के तहत जिले से संबंधित 03 प्राचार्य एवं 12 उच्च माध्यमिक शिक्षकों के प्रशासनिक स्थानांतरण, 438 अतिशेष शिक्षकों की पदस्थापना एवं 139 छात्रावास अधीक्षकों की पदस्थापना को निरस्त कर दिया गया है।
शासन की स्थानांतरण नीति वर्ष 2025 के अनुसार स्पष्ट किया गया है कि किए गए स्थानांतरण नीति अनुरूप और निर्धारित प्रतिशत के अंतर्गत थे। वहीं, 438 अतिशेष शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण शासन निर्देशानुसार किया गया था, जिसका स्थानांतरण नीति से कोई संबंध नहीं है।
जिला प्रशासन की चिंता
डिंडौरी प्रशासन का कहना है कि आदेश निरस्त होने से जिले की अधिकांश शालाएँ पुनः शिक्षक विहीन या एक शिक्षकीय स्थिति में पहुँच जाएंगी। पूर्व में किए गए युक्तियुक्तकरण से जिले की 103 शालाएँ शिक्षक विहीन एवं 396 शालाएँ एक शिक्षकीय थीं, जिन्हें सुधारने में 2 से 3 माह का समय लगा था। यदि अब बीच सत्र में यह प्रक्रिया दोबारा होती है तो शैक्षणिक सत्र 2025-26 गंभीर रूप से प्रभावित होगा।
न्यायालयीन याचिकाओं की आशंका
स्थिति को देखते हुए शिक्षकों द्वारा न्यायालयीन याचिकाएँ व अभ्यावेदन प्रस्तुत किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है। इससे आने वाले दो माह और नष्ट होंगे तथा जिले की शैक्षणिक व्यवस्था अव्यवस्थित हो जाएगी।
कलेक्टर ने भेजा प्रतिवेदन
इसी परिप्रेक्ष्य में कलेक्टर डिंडौरी ने प्रमुख सचिव, जनजातीय कार्य विभाग, मध्यप्रदेश शासन को संपूर्ण परिस्थिति पर पुनर्विचार कर आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करने का प्रतिवेदन भेजा है।




