मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (मिड-डे मील) योजना एक बड़े संकट से जूझ रही है। अप्रैल माह से अब तक योजना की राशि जारी न होने से जिलेभर के स्व सहायता समूह आर्थिक संकट में फंस गए हैं। बकाया भुगतान नहीं मिलने के कारण समूहों ने हाथ खड़े कर दिए हैं और मध्यान्ह भोजन योजना का संचालन बंद करने की चेतावनी दी है। जिला स्व सहायता समूह संघ की अध्यक्ष श्रीमती संतोषी दिनेश परस्ते ने पत्र 18 अगस्त 2025 के माध्यम से जिला पंचायत को सूचित किया कि समूहों की मांगें पूरी न होने तक विद्यालयों में चूल्हा बंद रखा जाएगा।
इस स्थिति को गंभीर मानते हुए जिला पंचायत डिंडौरी ने सभी विकासखंड शिक्षा समन्वयकों (अमरपुर, बजाग, डिंडौरी, करंजिया, मेहदवानी, समनापुर, शहपुरा) को पत्र जारी किया है। पत्र में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि— किसी भी परिस्थिति में मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम बंद नहीं होना चाहिए। जब तक स्व सहायता समूह योजना का संचालन पुनः प्रारंभ नहीं करते, तब तक इसकी जिम्मेदारी शाला प्रबंधन समितियों (SMC)o को दी जाएगी। जो भी स्व सहायता समूह अनधिकृत रूप से पीएम पोषण कार्यक्रम बंद रखेंगे, उनके विरुद्ध कार्यवाही का प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत किया जाए।
हालांकि, शाला प्रबंधन समितियां भी दुकानदारों के कर्ज में दबी हुई हैं, जिससे योजना का संचालन और कठिन हो गया है। शिक्षा विभाग के अधिकारी अब या तो शिक्षकों पर दबाव बनाकर योजना को चलाने का प्रयास करेंगे या फिर लंबित राशि का शीघ्र भुगतान कर समूहों को राहत देंगे।डिंडौरी जिले में स्थिति यह है कि गरीब बच्चों को मिलने वाला मुफ्त पोषण आहार जिले की जिला पंचायत की लापरवाही की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है।




