मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर नेहा मारव्या की अध्यक्षता में जनसुनवाई आयोजित की गई। जिले भर से आए नागरिकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं और शिकायतों को प्रस्तुत किया। जनसुनवाई में कुल 83 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें अधिकांश का मौके पर ही त्वरित निराकरण किया गया। जिन मामलों का तत्काल समाधान संभव नहीं हुआ, वहां आवेदकों को निश्चित समय-सीमा में समाधान का आश्वासन दिया गया।
जनसुनवाई में सीईओ जिला पंचायत अनिल कुमार राठौर, अपर कलेक्टर जेपी यादव, डिप्टी कलेक्टर वैधनाथ वासनिक, डिंडौरी एसडीएम भारती मेरावी, सहायक आयुक्त जनजाति कार्य विभाग राजेन्द्र कुमार जाटव सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
ग्राम पंचायत खरगवारा के पोषक ग्राम कुकर्रा के ग्रामीणों ने आवेदन प्रस्तुत कर शिकायत की कि सरपंच नयनवती सैयाम के पति द्वारा पंचायत कार्यों में हस्तक्षेप किया जा रहा है और फर्जी बिलों से भुगतान करवाया जा रहा है। ग्रामीणों ने अन्य विकास कार्यों की जांच की भी मांग की। इस पर कलेक्टर ने सीईओ जनपद पंचायत मेहदवानी को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा, ग्राम पंचायत जरहा नैझर के पोषक ग्राम खैरदा में प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक रमे सिंह परस्ते पर मादक पदार्थ का सेवन करके पढ़ाई प्रभावित करने का आरोप लगाया गया। कलेक्टर ने सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग को जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए।
ग्राम पाटन के निवासी बजरू सिंह ने चांदरानी और भद्दा टोला के बीच की जर्जर सड़क की मरम्मत की मांग की। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को जांच और मरम्मत के निर्देश दिए। साथ ही, आवेदिका श्रीमती बोट बाई ने किसान सम्मान निधि की राशि न मिलने की शिकायत की, जिस पर तहसीलदार समनापुर को जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।




