मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले में कलेक्टर नेहा मारव्या की अध्यक्षता में समय-सीमा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जिले के सभी विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति रही। कलेक्टर ने कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए ताकि योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक सही समय पर पहुंचे।
बैठक में कलेक्टर ने अवैध परिवहन, अवैध खनन एवं भंडारण पर सख्त निगरानी रखने और कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए चेकपोस्ट की प्रभावशीलता की समीक्षा की और निगरानी मजबूत करने को कहा।
उन्होंने मनरेगा, पेंशन, समग्र रजिस्ट्रेशन, बीज एवं खाद वितरण जैसी योजनाओं से जुड़े लंबित प्रकरणों को जल्द निपटाने के निर्देश दिए। सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों, ई-केवाईसी प्रगति, यात्री बसों की फिटनेस जांच, और राहत राशि वितरण की भी समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने सभी विभाग प्रमुखों को अपना मासिक टूर कार्यक्रम कलेक्टर कार्यालय में जमा करने को कहा। निरीक्षण के दौरान इनका सत्यापन भी किया जाएगा। लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ बीईओ एवं बीआरसी को स्थानांतरित करने के निर्देश सहायक आयुक्त को दिए गए।
पेंशन एवं अनुकंपा नियुक्तियों की समीक्षा करते हुए शिक्षा विभाग, डीपीसी, पीडब्ल्यूडी और बीईओ को लंबित प्रकरण शीघ्र प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने ई-ऑफिस की कार्यप्रणाली पर चर्चा की और जिन विभागों ने इसे अभी तक लागू नहीं किया है, उन्हें शीघ्र चालू करने को कहा।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सर्पदंश के किसी भी मरीज का तत्काल इलाज किया जाए। लापरवाही बरतने पर संबंधित डॉक्टर के विरुद्ध कार्यवाही होगी। साथ ही गांवों में दीवार लेखन और प्रचार-प्रसार के माध्यम से लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने वनाधिकार समितियों को बुलाकर लंबित प्रकरणों की समीक्षा करने और पोर्टल पर सही अपलोड करने के निर्देश दिए। वहीं खाद्य आपूर्ति विभाग को वेयरहाउस की मिलिंग व्यवस्था और निरीक्षण पर विशेष ध्यान देने को कहा।




