डिंडौरी | खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने डिंडौरी एवं शहपुरा क्षेत्र में फलों के थोक एवं फुटकर विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर सघन निरीक्षण एवं जांच की कार्यवाही की। यह कार्रवाई वरिष्ठ कार्यालय के निर्देश पर की गई, जिसमें फलों को पकाने में उपयोग होने वाले रिपेनिंग एजेंट्स और प्रतिबंधित रसायनों की जांच की गई।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रभा सिंह तेकाम ने जानकारी दी कि डिंडौरी के सिंह वाहिनी बनाना रिपेनिंग चैंबर, गुप्ता फ्रूट्स सेंटर, मां नर्मदा फ्रूट्स सेंटर, भोला फ्रूट्स सेंटर, अग्रवाल फ्रूट सेंटर और हपुरा के ओम फ्रूट सेंटर व शिवांशु फूड सेंटर का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान किसी भी प्रतिष्ठान में प्रतिबंधित कैल्शियम कार्बाइड का उपयोग नहीं पाया गया। सभी जगह एफएसएसएआई द्वारा अनुमोदित एथिलीन गैस और पाउच के माध्यम से ही फलों को पकाया जा रहा था। तेकाम ने बताया कि एथिलीन गैस को भारत सरकार ने सुरक्षित विकल्प के रूप में मान्यता दी है, जबकि कैल्शियम कार्बाइड स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
कलेक्टर नेहा मारव्या के निर्देश पर शहपुरा के काठमांडू मोमोज सेंटर से मोमोज और मसालों के नमूने, तथा राम भोजनालय से पनीर का नमूना जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वर्षा ऋतु में बाहर के भोजन से बचें और केवल साफ-सुथरे, स्वच्छ स्थानों पर बने भोजन का ही सेवन करें। खुले में बने, गंदे या अस्वच्छ भोजन से स्वास्थ्य संबंधी गंभीर खतरे उत्पन्न हो सकते हैं।
