मध्यप्रदेश सरकार के निर्देशानुसार अधिकारियों और कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए जिलों में संयुक्त परामर्शदात्री समिति की बैठक आयोजित की जा रही है। इस बैठक की अध्यक्षता जिला कलेक्टर करते हैं, और इसमें मान्यता प्राप्त व पंजीकृत संगठनों को आमंत्रित करने का प्रावधान है।
हालांकि, डिंडौरी जिले में आयोजित हो रही बैठक में केवल मान्यता प्राप्त संगठनों को आमंत्रित किया गया है, जबकि पंजीकृत संगठनों को नजरअंदाज कर दिया गया। इसको लेकर शासकीय शिक्षक संगठन ने विरोध जताया है और इसे भेदभावपूर्ण रवैया बताया है।
शासकीय शिक्षक संगठन के जिला अध्यक्ष राम कुमार गर्ग ने मांग की है कि पंजीकृत संगठनों को भी बैठक में आमंत्रित किया जाए ताकि वे अपने सदस्यों की समस्याओं को प्रत्यक्ष रूप से प्रस्तुत कर सकें।
जिला अध्यक्ष राम कुमार गर्ग का कहना है कि नियमित शिक्षकों की अपेक्षा अध्यापक संवर्ग के शिक्षकों की समस्याएं कहीं अधिक हैं। यदि पंजीकृत संगठन बैठक में शामिल होंगे, तो वे शिक्षक समुदाय की वास्तविक समस्याओं को कलेक्टर के समक्ष रखकर उचित समाधान की दिशा में पहल कर सकेंगे।
