मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले में सैकड़ों अतिथि शिक्षकों ने जिला अध्यक्ष इमरान मलिक के नेतृत्व में अपनी मांगों को लेकर एकजुटता दिखाई। जिले के सभी सातों विकासखंडों से आए अतिथि शिक्षकों ने संयुक्त रूप से कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिला पंचायत पहुंचकर सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग एवं जिला पंचायत उपाध्यक्ष से मुलाकात की।
बैठक के दौरान जिलाध्यक्ष इमरान मलिक द्वारा अतिथि शिक्षकों की भर्ती एवं समस्याओं को लेकर सारगर्भित चर्चा की गई। सहायक आयुक्त महोदय ने तुरंत ही शिक्षकों की मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए कहा कि जुलाई माह से ही अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति मान्य मानी जाएगी तथा मानदेय का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे अपने-अपने विद्यालय जाकर बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दें।
इसके अलावा, उन अतिथि शिक्षकों की भी बात की गई जो ट्रांसफर या अन्य कारणों से बाहर हो गए हैं। इस पर भी सहायक आयुक्त ने सहमति जताई कि रिक्त पदों पर पुराने अतिथि शिक्षकों को ही प्राथमिकता देते हुए पुनः नियुक्त किया जाएगा।
इस पूरे घटनाक्रम में अतिथि शिक्षकों की एकजुटता और नेतृत्व की भूमिका अहम रही। शिक्षकों ने प्रशासन के त्वरित निर्णय पर संतोष जताया और भरोसा व्यक्त किया कि भविष्य में भी इस तरह समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा।
