डिंडौरी। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक लेकर जिले में संचालित शासकीय योजनाओं, विकास कार्यों और जनहित से जुड़े लंबित प्रकरणों की विभागवार समीक्षा की। बैठक में सीईओ जिला पंचायत दिव्यांशु चौधरी, एसडीएम शहपुरा ऐश्वर्य वर्मा, संयुक्त कलेक्टर भारती मेरावी, एसडीएम डिंडौरी रामबाबू देवांगन, डिप्टी कलेक्टर वैधनाथ वासनिक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबे समय से लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि आमजन की शिकायतों के समाधान में किसी भी तरह का अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। संबंधित अधिकारी शिकायतों की नियमित समीक्षा कर शिकायतकर्ताओं से समन्वय स्थापित करें और संतुष्टिपूर्वक निराकरण सुनिश्चित करें।
जन विश्वास अभियान शिविर की तैयारियों की समीक्षा
कलेक्टर ने जन विश्वास अभियान के शिविरों को शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बताया। उन्होंने निर्देश दिए कि शिविर आयोजित होने से पहले सभी विभाग अपने लंबित प्रकरणों का निराकरण कर लें। साथ ही पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए विभागीय योजनाओं की नियमित समीक्षा करने को कहा।
बैठक में आगामी 31 अगस्त 2026 को विकासखंड समनापुर के ग्राम गौराकन्हारी में आयोजित होने वाले जन विश्वास अभियान शिविर की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को सभी तैयारियां निर्धारित समय-सीमा से पहले पूरी करने के निर्देश दिए। शिविर में आमजन की सुविधा, विभागीय योजनाओं की जानकारी, आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता और आवेदनों के त्वरित निराकरण की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
कृषकों की ई-केवाईसी और फार्मर आईडी अनिवार्य रूप से पूरी करें
समय-सीमा बैठक में कलेक्टर ने जिले के सभी राजस्व अधिकारियों, तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों, राजस्व निरीक्षकों और पटवारियों को निर्देशित किया कि सभी कृषकों की ई-केवाईसी एवं फार्मर आईडी तैयार करने का कार्य निर्धारित समय-सीमा में अनिवार्य रूप से पूरा किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही या विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संबंधित अधिकारी-कर्मचारी किसानों से समन्वय स्थापित कर आवश्यक प्रक्रिया जल्द पूरी कराएं, ताकि पात्र कृषकों को शासन की कृषि योजनाओं, अनुदान और अन्य सुविधाओं का लाभ समय पर मिल सके। कलेक्टर ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की योजनाओं और जनहित से जुड़े कार्यों में समयबद्धता, जवाबदेही और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
