— मेहंदवानी थाना क्षेत्र के बहुचर्चित हत्याकांड में प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश का फैसला, 5 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया
डिंडौरी। जिले के मेहंदवानी थाना क्षेत्र में 17 वर्षीय किशोर की हत्या के मामले में न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश डी.एस. मंडलोई ने आरोपी रोहित पुशाम (19 वर्ष), निवासी ग्राम बगली, थाना मेहंदवानी को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत आजीवन कठोर कारावास एवं 5 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा नहीं करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा धारा 238(क) बीएनएस के तहत तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा भी सुनाई गई।
मीडिया सेल प्रभारी अभियोजन अधिकारी दिलावर धुर्वे ने बताया कि मामले में जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपी द्वारा कठोर वस्तु से हमला किए जाने के कारण मृतक की गर्दन में आंतरिक रक्तस्राव हुआ, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने साक्ष्य जुटाकर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया था।
— घटना का विवरण
अभियोजन के अनुसार, मृतक 28 मई 2025 को अपने गांव से मोटरसाइकिल से ग्राम उमरिया में रिश्तेदारी के शादी समारोह में गया था। अगले दिन जानकारी मिली कि वह आरोपी रोहित पुशाम और एक अन्य युवक के साथ गांव लौट गया था, लेकिन घर नहीं पहुंचा। 31 मई को परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। इस दौरान उसका मोबाइल आरोपी के घर चार्जिंग पर मिला। कुछ देर बाद सूचना मिली कि ग्राम बर्रई निवासी के खेत में किशोर का शव पड़ा हुआ है। सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज कर न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।




