— अपराध, चालान और लंबित मामलों के निराकरण में उदासीनता पर एसपी की कार्रवाई, सात दिन में प्राथमिक जांच रिपोर्ट देने के निर्देश
मध्यप्रदेश के दतिया जिले में अपराधों की समीक्षा के दौरान लापरवाही सामने आने पर पुलिस अधीक्षक दतिया ने थाना कोतवाली के थाना प्रभारी निरीक्षक दिनेश राजपूत और विवेचक उ नि महेश यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर रक्षित केंद्र दतिया संबद्ध कर दिया है। दोनों अधिकारियों पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना, विवेचना में लापरवाही और कर्तव्यों के प्रति उदासीनता के आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय से 10 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के अनुसार, 19 सितंबर 2026 को आयोजित अपराध समीक्षा बैठक में थाना कोतवाली की स्थिति की समीक्षा की गई थी। इसमें 31 अगस्त 2026 की स्थिति में 508 अपराध, 136 चालान, 123 गुम इंसान, 58 मर्ग तथा वरिष्ठ कार्यालय की 700 शिकायतें लंबित पाई गई थीं। समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के बावजूद लंबित प्रकरणों और शिकायतों के निराकरण में अपेक्षित तत्परता और प्रभावी पर्यवेक्षण नहीं किया गया।
आदेश में अपराध क्रमांक 542/26 का उल्लेख करते हुए बताया गया कि फरियादी अनुराग सिंह परिहार निवासी रामनगर कॉलोनी, दतिया ने शिकायत की थी कि आरोपी आदेश उर्फ बिट्टू दुबे ने रास्ता रोककर पिस्टल दिखाते हुए धमकी दी और गाली-गलौज की। इस शिकायत पर 24 अगस्त 2026 को मामला दर्ज किया गया था। प्रकरण में विवेचना के दौरान कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर लापरवाही किए जाने का आरोप है।
आदेश के मुताबिक, विवेचना के दौरान आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 35(3) के तहत नोटिस तामील कराने और मेमो तैयार करने के बाद भी नियमानुसार कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस अधीक्षक ने यह भी उल्लेख किया कि आरोपी के भाई के नाम पर पिस्टल का लाइसेंस जारी होने के मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई नहीं की गई। इसके अलावा प्रकरण में समय पर चालान प्रस्तुत करने और विवेचना की प्रगति की निगरानी में भी लापरवाही सामने आई।
अपराधों की समीक्षा में अन्य मामलों की स्थिति भी संतोषजनक नहीं पाई गई। आदेश में कोतवाली थाने के आठ जमानती वारंट, 13 गिरफ्तारी वारंट और 42 चालानों के लंबित होने का उल्लेख किया गया है, जिनमें आवश्यक कार्रवाई नहीं होने पर नाराजगी जताई गई।
पुलिस अधीक्षक ने माना कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना और कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही गंभीर मामला है। इसी के चलते थाना प्रभारी निरीक्षक दिनेश राजपूत और विवेचक उप निरीक्षक महेश यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर रक्षित केंद्र दतिया संबद्ध किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। आदेश में संबंधित अधिकारियों को प्रकरण की प्राथमिक जांच कर सात दिवस के भीतर जांच प्रतिवेदन मय दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
