— तेजस्विनी महिला संघ को 79.95 लाख रुपये भुगतान में कथित वित्तीय अनियमितता की शिकायत, संचालनालय ने मांगा विस्तृत जांच प्रतिवेदन
डिंडौरी। जिले में संचालित कोदो-कुटकी आधारित पोषण आहार (नाश्ता प्रदाय) योजना के तहत महिला स्व-सहायता समूह को किए गए करीब 80 लाख रुपये के भुगतान का मामला अब तूल पकड़ता नजर आ रहा है। योजना के अंतर्गत तेजस्विनी महिला संघ, डिंडौरी को 79 लाख 95 हजार 727 रुपये का भुगतान किए जाने में कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। मामले में महिला एवं बाल विकास विभाग के दो अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध न्यायालय में अभियोजन चलाने की स्वीकृति मांगी गई है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए महिला एवं बाल विकास संचालनालय, मध्यप्रदेश ने पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर सात दिवस के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार, डिंडौरी के वार्ड क्रमांक-02 सूबखार निवासी दिगंबर खांडिलकर ने 17 सितंबर 2026 को महिला एवं बाल विकास विभाग के आयुक्त को लिखित आवेदन प्रस्तुत किया था। इसमें विभाग में पदस्थ सहायक संचालक एवं प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी श्याम लाल सिंगौर तथा लिपिक सहायक ग्रेड-03 एवं प्रभारी पोषण आहार शाखा दिगंबर श्याम की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की मांग की गई है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कोदो-कुटकी आधारित पोषण आहार योजना के अंतर्गत तेजस्विनी महिला संघ को किए गए 79,95,727 रुपये के भुगतान में वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं। शिकायतकर्ता ने पद के कथित दुरुपयोग, अभिलेखों में हेरफेर और शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
BNSS की धारा 218 के तहत मांगी अभियोजन की अनुमति
शिकायतकर्ता ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 218 के तहत सक्षम प्राधिकारी से अभियोजन स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया है। आवेदन में संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध न्यायालय प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट, जिला डिंडौरी में परिवाद प्रस्तुत किए जाने का उल्लेख करते हुए अभियोजन की अनुमति मांगी गई है, ताकि मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ सके।
संचालनालय ने दिखाई सख्ती, सात दिन में मांगा जवाब
मामले में महिला एवं बाल विकास संचालनालय, मध्यप्रदेश के संयुक्त संचालक द्वारा पत्र क्रमांक 5305 और 5306 जारी किए गए हैं। 2 नवंबर 2026 को डिजिटल हस्ताक्षरित पत्र के माध्यम से संयुक्त संचालक, महिला एवं बाल विकास, जबलपुर संभाग को शिकायत में उठाए गए सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सात दिवस के भीतर जांच प्रतिवेदन संचालनालय को उपलब्ध कराने को कहा गया है। पत्र की प्रतिलिपि कलेक्टर, जिला डिंडौरी को भी सूचनार्थ भेजी गई है।
अब जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
करीब 80 लाख रुपये के भुगतान से जुड़े इस मामले में अब योजना के भुगतान अभिलेख, संबंधित बिल-वाउचर, कार्य निष्पादन से जुड़े दस्तावेज और अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका जांच के दायरे में रहेगी। संचालनालय की जांच रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि भुगतान प्रक्रिया में कोई वित्तीय अनियमितता हुई है या नहीं और अभियोजन स्वीकृति के संबंध में क्या निर्णय लिया जाता है। फिलहाल मामला आरोपों और विभागीय जांच के स्तर पर है। संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद ही प्रकरण की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।

