
टीईटी की अनिवार्यता खत्म करने, प्रथम नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता और ऑनलाइन उपस्थिति के मुद्दे पर मुख्यमंत्री से हुई चर्चा, आदेश नहीं आया तो नए साल में फिर शुरू होगा अनिश्चितकालीन आंदोलन
भोपाल। मध्यप्रदेश में टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता समाप्त करने, प्रथम नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता प्रदान करने और ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था को लेकर आंदोलन कर रहे अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने फिलहाल अपना धरना प्रदर्शन स्थगित कर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सौहार्दपूर्ण मुलाकात और वार्ता के बाद यह निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की तीनों प्रमुख मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए शीघ्र निर्णय लेने का आश्वासन दिया है। हालांकि, अब तक मांगों के संबंध में आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है, जिसके चलते शिक्षकों की नजर शासन के अगले कदम पर टिकी हुई है।
अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के प्रांतीय आह्वान पर प्रदेशभर में करीब 15 दिनों से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन किया जा रहा था। शिक्षकों की प्रमुख मांगों में टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता समाप्त करना, प्रथम नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता का लाभ देना तथा ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं का समाधान करना शामिल है।

मुख्यमंत्री के साथ हुई इस मुलाकात के दौरान स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह भी मौजूद रहे। वार्ता में मोर्चा के प्रांतीय संयोजक राकेश दुबे, जगदीश यादव और राकेश नायक सहित अन्य प्रतिनिधियों ने शिक्षकों की समस्याओं और मांगों को प्रमुखता से रखा। चर्चा के दौरान शिक्षकों के हित में शीघ्र निर्णय लेने का भरोसा दिया गया।
मुख्यमंत्री से मिले आश्वासन के बाद संयुक्त मोर्चा ने अपना आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया है। हालांकि, मोर्चा ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है, बल्कि शासन के निर्णय और आधिकारिक आदेश का इंतजार किया जा रहा है। यदि जल्द आदेश जारी नहीं होता है तो नए साल में शिक्षक एक बार फिर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू करेंगे। फिलहाल प्रदेश के हजारों अध्यापकों और शिक्षकों की निगाहें सरकार के निर्णय पर टिकी हैं। अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद शिक्षकों की तीनों मांगों पर सरकार कब तक आदेश जारी करती है।
स्रोत:—अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा, मध्यप्रदेश।
