पॉक्सो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में दोषी करार, न्यायालय ने अर्थदंड भी लगाया
डिंडौरी। जिले के मेंहदवानी थाना क्षेत्र में नाबालिग से जुड़े एक मामले में तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश, डिंडौरी ने आरोपी को कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अभियोजन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आरोपी आशुतोष (27 वर्ष), निवासी राममुड़ी, थाना मेहदवानी को विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और अर्थदंड से दंडित किया गया है।
दरअसल मीडिया सेल प्रभारी अभियोजन अधिकारी दिलावर धुर्वे ने बताया कि मामले में मेंहदवानी थाने में अपराध क्रमांक 63/2025 दर्ज किया गया था। पुलिस ने विवेचना के बाद साक्ष्यों के आधार पर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। प्रकरण की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।
लगातार परेशान करने और धमकी देने का आरोप
अभियोजन के अनुसार, घटना के समय पीड़िता नाबालिग थी। आरोपी उसका दूर का रिश्तेदार था। आरोप था कि आरोपी ने उसे रास्ते में रोककर प्रेम संबंध के संबंध में बात कही। पीड़िता द्वारा मना किए जाने के बावजूद आरोपी उसे लगातार परेशान करता रहा। साथ ही, इस संबंध में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी देता था। डर के कारण पीड़िता ने शुरुआत में किसी को इसकी जानकारी नहीं दी। मामले की विवेचना के दौरान एकत्र किए गए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया था।
विभिन्न धाराओं में सुनाई गई सजा
न्यायालय ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 127(2) के तहत एक वर्ष का कठोर कारावास और 500 रुपये अर्थदंड, धारा 65(1) के तहत 20 वर्ष का कठोर कारावास और 1,000 रुपये अर्थदंड तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 5(n)/6 के तहत 20 वर्ष का कठोर कारावास और 1,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। इसके अलावा, धारा 351(3) के तहत एक वर्ष का कठोर कारावास और 500 रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया गया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर अतिरिक्त कारावास का प्रावधान भी किया गया है।

