नई दिल्ली/भोपाल/डिंडौरी। पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर 25 नवंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर मैदान में देशभर के कर्मचारियों का अभूतपूर्व जमावड़ा देखने को मिला। विजय कुमार बंधु के आह्वान पर मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में शिक्षक और कर्मचारी दिल्ली पहुंचे और महारैली में शामिल हुए। इस बड़े आंदोलन का सीधा असर प्रदेश की ई-अटेंडेंस व्यवस्था पर पड़ा, जहां जनजातीय कार्य विभाग द्वारा जारी आंकड़ों में स्पष्ट रूप से शिक्षकों और कर्मचारियों द्वारा EHRMS ऑनलाइन अटेंडेंस के बहिष्कार के कारण उपस्थिति में भारी गिरावट दर्ज की गई।
डिंडौरी जिले में भी आंदोलन का व्यापक प्रभाव देखने को मिला जहां सामान्य दिनों में 84 प्रतिशत रहने वाली उपस्थिति घटकर 60 प्रतिशत पर पहुंच गई। जिले के करीब 20 प्रतिशत शिक्षक दिल्ली में पुरानी पेंशन बहाली आंदोलन में भाग लेने पहुंचे और कई शिक्षकों ने अपने प्रधानाध्यापक, जनशिक्षक तथा विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को आवेदन देकर जंतर-मंतर में उपस्थिति दर्ज कराई। पूरे प्रदेश में 24 नवंबर से 26 नवंबर 2025 तक जनजातीय कार्य विभाग के शिक्षकों की उपस्थिति 70 प्रतिशत से नीचे रही जिसे आंदोलन की तीव्रता से जोड़कर देखा जा रहा है।
इधर शासकीय शिक्षक संगठन के जिला अध्यक्ष राम कुमार गर्ग ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि मध्यप्रदेश में 1995 में तत्कालीन सरकार ने शिक्षाकर्मी, संविदा कर्मी, गुरुजी और पंचायत कर्मियों की नियुक्ति करते समय नियमित पदों को डैथ कैंडर घोषित कर पुरानी पेंशन, वरिष्ठता, ग्रेच्युएटी सहित कई सुविधाएँ पूरी तरह समाप्त कर दी थीं। उन्होंने कहा कि 25 वर्ष से अधिक सेवा दे चुके शिक्षकों की वरिष्ठता समाप्त कर वर्ष 2018 से उन्हें नवीन शिक्षक माना गया है जो शिक्षकों के साथ गंभीर अन्याय है। गर्ग ने यह भी कहा कि पुरानी पेंशन को केंद्र सरकार ने वर्ष 2004 में बंद किया था लेकिन मध्यप्रदेश में इसे पहले ही 1995 में खत्म कर दिया गया था, इसलिए शिक्षाकर्मी, संविदा कर्मी और गुरुजी प्रथम नियुक्ति तिथि से वरिष्ठता मानते हुए पुरानी पेंशन बहाली के वास्तविक हकदार हैं।
पुरानी पेंशन बहाली को लेकर बढ़ते आक्रोश के बीच कर्मचारी संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार जल्द निर्णय नहीं लेती तो आंदोलन और तेज़ किया जाएगा। कर्मचारियों का कहना है कि पुरानी पेंशन केवल एक मांग नहीं बल्कि भविष्य सुरक्षा और सेवा सम्मान से जुड़ा अधिकार है जिसे किसी भी परिस्थिति में वापस लेकर रहेंगे।




