डिंडौरी। थाना मेहंदवानी क्षेत्र में 19 नवंबर की रात हुई अंधे कत्ल की गंभीर घटना का पुलिस ने सफलतापूर्वक पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने जांच के आधार पर हत्या में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। 20 नवंबर को ग्राम कोड़ाझिर निवासी प्रार्थिया रिया धुर्वे ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके ससुर सुबल साह धुर्वे की घर में घुसकर धारदार हथियार से हत्या कर दी गई है।
घटना की रात घर के सभी सदस्य सो चुके थे। सुबल साह परछी में सो रहे थे, तभी लगभग 11.30 बजे उनकी चीख सुनाई दी। परिजन बाहर आए तो एक अज्ञात व्यक्ति वहां से भागता हुआ नजर आया। टॉर्च की रोशनी में देखने पर पाया गया कि सुबल साह के सिर पर घातक हमला किया गया था। पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच एसपी डिंडौरी, एएसपी और SDOP शाहपुरा के निर्देशन में थाना प्रभारी श्याम सुंदर उसराठे के नेतृत्व में की गई। जांच के दौरान संदेही अनूप सिंह मरकाम को तलब किया गया। मृतक की पत्नी और बहू ने यह पहचान की कि घटना से पहले वही सुबल साह को झाड़फूंक के बहाने लेकर गया था। पूछताछ में मामला धीरे-धीरे पूरा स्पष्ट हो गया।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी प्रेमसिंह मरावी का मृतक के भाई की लड़की सुखवती धुर्वे से प्रेम संबंध था। सुखवती अपनी बीमारी का कारण प्रेमसिंह को बताती थी और मृतक सुबल साह झाड़फूंक किया करते थे। प्रेमसिंह को यह शक हो गया कि सुबल साह जादूटोना कर रहा है और इसके चलते उसने उन्हें रास्ते से हटाने का निर्णय ले लिया। प्रेमसिंह ने प्रदीप मरावी और अनूप सिंह के साथ मिलकर हत्या की योजना तैयार की।
घटना से पहले आरोपियों ने सुबल साह को जंगल ले जाकर मारपीट की, लेकिन वह किसी तरह वहां से निकल आए। इसके बाद 19 नवंबर की रात प्रेमसिंह टॉर्च और तबली लेकर घर में घुसा और सो रहे सुबल साह की बेरहमी से हत्या कर दी। इस दौरान अनूप सिंह घर के बाहर महुआ के पेड़ के पास खड़ा रहकर निगरानी कर रहा था। पुलिस ने पूरे मामले में प्रेमसिंह मरावी, अनूप सिंह मरकाम, सुखवती बाई धुर्वे और प्रदीप मरावी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जहां से उन्हें रिमांड पर भेज दिया गया।
इस पूरे खुलासे में निरीक्षक एस.एस. उसराठे, सउनि मंगलप्रसाद मानेश्वर, प्रआर कमलेश भवेदी, नरेन्द्र मार्को, नारायण सिंह, रविन्द्र कुम्हरे, दिनेश लोधी, ओमकार, म0आर नमिता भगत तथा सायबर सेल के प्रआर मुकेश प्रधान और आर जगदीश मरावी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की तत्परता और टीमवर्क से अंधे कत्ल की यह जटिल गुत्थी सुलझ गई।




