छतरपुर । जिस स्कूल में मासूम बच्चियां सुरक्षित भविष्य के सपने संजोने जाती हैं, वहीं अगर उनकी गरिमा पर आंच आए तो यह पूरे समाज के लिए शर्म की बात है। मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में ऐसा ही एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां शासकीय प्राथमिक शाला हरिजन बस्ती थौरी, संकुल शा.उ.मा.वि. पनौठा, विकासखंड ईशानगर में पदस्थ प्राथमिक शिक्षक संजीव कुमार चतुर्वेदी पर छात्राओं के साथ अश्लील हरकत करने के गंभीर आरोप लगे हैं।
कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, जिला छतरपुर (म.प्र.) द्वारा 27 फरवरी 2026 को जारी आदेश के अनुसार, मामला मीडिया के माध्यम से संज्ञान में आने के बाद तत्काल जांच कराई गई। विकासखंड स्त्रोत समन्वयक, जनपद शिक्षा केन्द्र छतरपुर द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन में आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाए गए।
जांच में आरोपों की गंभीरता को देखते हुए संबंधित शिक्षक के विरुद्ध प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जा चुकी है। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि यह कृत्य म.प्र. सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के प्रावधानों के विपरीत होकर गंभीर कदाचार की श्रेणी में आता है और शिक्षकीय गरिमा के भी खिलाफ है।
म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के तहत शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, गौरिहार, जिला छतरपुर निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
इस घटना ने न केवल अभिभावकों को झकझोर दिया है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मासूम बच्चियों की सुरक्षा और स्कूलों में सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना प्रशासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। फिलहाल प्रशासनिक कार्रवाई जारी है और पूरे मामले की आगे की जांच की जा रही है।

