मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले में कलेक्टर नेहा मारव्या ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के विभिन्न अभियानों में शासकीय कार्यों के प्रति लापरवाही और उदासीनता बरतने पर तीन सहायक यंत्रियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
जारी आदेशों के अनुसार जनपद पंचायत करंजिया के सहायक यंत्री कशिश नायक, जनपद पंचायत बजाग के सहायक यंत्री पी.एस. तिलगाम और जनपद पंचायत शहपुरा के सहायक यंत्री पवन कुमार पटेल को कार्यों में गंभीर लापरवाही का दोषी पाया गया है।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, भोपाल से प्राप्त निर्देशानुसार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत माँ नर्मदा परिक्रमा पथ पर पौधारोपण एवं फेसिंग कार्य, एक बगिया माँ के नाम अभियान और जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत सार्वजनिक तालाबों एवं अमृत सरोवर निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराए जाने थे।
समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि तीनों विकासखंडों में अधिकांश कार्य प्रारंभ ही नहीं किए गए या अधूरे छोड़ दिए गए हैं। कलेक्टर ने कहा कि यह कृत्य शासकीय कार्यों के प्रति उदासीनता, लापरवाही एवं स्वेच्छाचारिता का परिचायक है, जो कि म.प्र. सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम-3 के अंतर्गत कदाचार की श्रेणी में आता है।
जिसपर संबंधित सहायक यंत्रियों को कारण बताने के निर्देश दिए गए हैं कि क्यों न उनके विरुद्ध म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए। उन्हें नोटिस प्राप्ति के सात दिवस के भीतर उत्तर प्रस्तुत करने को कहा गया है, अन्यथा एकपक्षीय कार्यवाही की जाएगी।




