Panchayat Power Cut Sparks Protest: सरपंचों से छीना आकस्मिक व्यय का अधिकार! जनपद सीईओ के आदेश पर बवाल,आदेश निरस्त करने की मांग तेज…

Rathore Ramshay Mardan
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मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले में ग्राम पंचायतों द्वारा किए जा रहे “अन्य व्यय” और “आकस्मिक व्यय” के नाम पर भुगतान को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। प्रशासन द्वारा इन भुगतानों में पारदर्शिता की कमी और नियमों की अनदेखी का हवाला देते हुए, अब बिना पूर्व स्वीकृति के किए गए कार्यों के भुगतान पर रोक लगा दी गई है। इस फैसले से सरपंच संघ में नाराजगी फैल गई है।

जनपद सीईओ का सख्त आदेश:

डिंडौरी जिला पंचायत सीईओ अनिल कुमार राठौर ने सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि बिना प्रशासनिक स्वीकृति के किए गए खर्चों को अब गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए रोका जाएगा। इसी कड़ी में समनापुर जनपद पंचायत के सीईओ ने 24 जुलाई को समीक्षा बैठक के बाद स्पष्ट आदेश जारी किया कि बिना अनुमति के भुगतान प्रतिबंधित रहेगा।

सरपंचों में गुस्सा, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन:

जनपद समनापुर में आकस्मिक व्यय के अधिकार समाप्त करने के विरोध में सरपंच संघ ने कलेक्टर डिंडौरी को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में कहा गया है कि पंचायत राज अधिनियम के तहत सरपंचों को आकस्मिक कार्यों के लिए व्यय करने का कानूनी अधिकार प्राप्त है, जिसे समाप्त करना अधिनियम का उल्लंघन है।

सरपंच संघ की आपत्ति:

सरपंच संघ ने अपने ज्ञापन में यह भी स्पष्ट किया है कि पंचायत खर्चों की ऑडिट प्रक्रिया पहले से तय है और आकस्मिक व्यय की सीमा भी निर्धारित है। ऐसे में इस अधिकार को समाप्त करना पंचायतों की स्वायत्तता को खत्म करने जैसा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि यह आदेश तत्काल प्रभाव से निरस्त नहीं किया गया, तो सरपंच संघ आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होगा।

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