मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले में राजपूत राठौर समाज द्वारा शिक्षा, कैरियर मार्गदर्शन और सामाजिक कुरीतियों को दूर करने के उद्देश्य से एक दिवसीय चिंतन बैठक का आयोजन महाराणा प्रताप पब्लिक स्कूल, महावीर टोला में किया गया। इस चिंतन शिविर में 60 से अधिक समाजसेवियों और कार्यकर्ताओं ने सहभागिता निभाई। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं महाराणा प्रताप के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया।
बैठक में सर्वसम्मति से कई अहम निर्णय लिए गए। तय हुआ कि आर्थिक परेशानी के कारण किसी भी बालक या बालिका की शिक्षा बाधित नहीं होगी। समाज की ओर से असक्षम विद्यार्थियों को सहयोग राशि प्रदान की जाएगी और उनकी पढ़ाई में हरसंभव मदद की जाएगी।

प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए मार्गदर्शन शिविर एवं छात्रवृत्ति योजना शुरू करने का निर्णय भी लिया गया। साथ ही दसवीं और बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए कैरियर मार्गदर्शन समिति का गठन किया जाएगा। ग्राम स्तर पर शिक्षा सुधार के लिए युवाओं और शिक्षकों की मदद से ट्यूशन कक्षाओं की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी भी तय की गई।
शिविर के द्वितीय सत्र में नशा मुक्ति पर चर्चा हुई। निर्णय लिया गया कि सार्वजनिक स्थलों पर तंबाकू, गुटखा, बीड़ी और सिगरेट का वितरण नहीं होगा। प्रत्येक गाँव में नशा मुक्ति समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें महिलाओं को विशेष जिम्मेदारी दी जाएगी। घर-परिवार में नशामुक्त वातावरण को बढ़ावा देने के लिए पान, सुपारी और लौंग के उपयोग का सुझाव दिया गया।
बैठक में समाज के अध्यक्ष कृष्णा सिंह परमार, पूर्व अध्यक्ष ओमकार सिंह चंदेल, मार्गदर्शक प्रताप सिंह चंदेल, मानसिंह ठाकुर, कंधी चंदेल, रमेश ठाकुर, द्वारका प्रसाद बिलागर, कुबेर सिंह ठाकर, श्रावण गौतम, हेमसिंह राजपूत, रामकुमार मोहारी, शिवराम राजपूत, मंगल सिंह राजपूत, चेतराम राजपूत, संदीप गौतम, गणेश सिंह राजपूत, रघुनाथ सिंह राजपूत, भारत सिंह राजपूत और संतोष सिंह चंदेल सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।




