भोपाल: मध्यप्रदेश में टेट (TET) परीक्षा को लेकर सियासत और शिक्षक वर्ग में हलचल तेज हो गई है। पूर्व मंत्री एवं विधायक पी.सी. शर्मा ने प्रदेश के शिक्षकों को टेट परीक्षा से राहत दिलाने की मांग उठाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखा है। शर्मा ने अपने पत्र में बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद टेट परीक्षा को अनिवार्य किया गया है, जिसके तहत राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग ने भी शिक्षकों को टेट उत्तीर्ण करने के आदेश जारी किए हैं। जुलाई-अगस्त 2026 में परीक्षा आयोजित होने की संभावना जताई जा रही है।
उन्होंने कहा कि इस निर्णय से प्रदेश के शिक्षकों में निराशा और असंतोष का माहौल है। उनका तर्क है कि राज्य सरकार द्वारा पहले ही निर्धारित योग्यताओं के आधार पर शिक्षकों की भर्ती की जा चुकी है। सभी शिक्षक डीएड, बीएड एवं आवश्यक प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं और सेवा भर्ती नियमों के अनुरूप नियुक्तियां हुई हैं। इसके अलावा, समय-समय पर शिक्षकों को विषय आधारित प्रशिक्षण भी दिया जाता रहा है।
शर्मा ने यह भी उल्लेख किया कि अन्य राज्यों में भी टेट से छूट के लिए पुनर्विचार याचिकाएं दायर की गई हैं। ऐसे में उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि शिक्षक हित को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार भी टेट परीक्षा से छूट दिलाने के लिए सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर करे।उन्होंने सुझाव दिया कि भविष्य में होने वाली नई शिक्षक भर्तियों के लिए टेट परीक्षा अनिवार्य की जा सकती है, लेकिन वर्तमान में कार्यरत शिक्षकों को इससे राहत दी जानी चाहिए। देखें पत्र…

