भोपाल। मध्यप्रदेश राज्य सूचना आयोग में लंबे समय से रिक्त पड़े आयुक्त पदों को भरते हुए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक कदम उठाया है। हाल ही में राजेश भट्ट और आलोक नागर को राज्य सूचना आयुक्त के रूप में नियुक्त किया गया है। इस नियुक्ति की आधिकारिक अधिसूचना सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा राजपत्र में जारी कर दी गई है।
सूचना के अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत सूचना आयोग का कार्य नागरिकों को सरकारी सूचनाओं की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करना है। आयोग में पिछले कुछ समय से आयुक्तों के पद खाली रहने के कारण द्वितीय अपील और शिकायतों के हजारों प्रकरण लंबित पड़े थे। इससे आम नागरिकों को अपनी जानकारी पाने में देरी और कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था।
विशेषज्ञों का मानना है कि नए आयुक्तों की नियुक्ति से न केवल लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा संभव होगा, बल्कि आयोग की कार्यप्रणाली में भी तेजी आएगी। इसके अलावा, इस कदम से पारदर्शिता और जवाबदेही को भी मजबूती मिलेगी, जिससे नागरिकों का भरोसा और बढ़ेगा।
प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि राजेश भट्ट और आलोक नागर के अनुभव और दक्षता के आधार पर उम्मीद जताई जा रही है कि आयोग की कार्यशैली और नागरिक सेवा में सुधार होगा। आने वाले महीनों में आयोग में लंबित मामलों की संख्या में कमी देखने को मिल सकती है।

