भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बच्चों को बेहतर शिक्षा देना राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता है। विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य के लिए सरकार हर संभव संसाधन उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि मां लक्ष्मी की कृपा पाने से पहले मां सरस्वती को प्रसन्न करना आवश्यक है, इसलिए विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ाई करनी चाहिए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में 52 लाख से अधिक विद्यार्थियों के खातों में समेकित छात्रवृत्ति योजना की 303 करोड़ रुपये की राशि सिंगल क्लिक से जारी की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों को स्कूटी, लैपटॉप, ड्रेस और साइकिल जैसी सुविधाएं समय पर उपलब्ध करा रही है।
डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा दी जा रही है। राज्य में 369 सांदीपनि विद्यालय और 55 पीएम एक्सीलेंस कॉलेज तैयार किए जा रहे हैं। इसके साथ ही शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत 8 लाख 50 हजार विद्यार्थियों की फीस की प्रतिपूर्ति की गई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 1 करोड़ विद्यार्थियों को नि:शुल्क साइकिलें तथा 5 लाख विद्यार्थियों को लैपटॉप वितरित किए गए हैं। विद्यार्थियों को नीट, जेईई और क्लेट जैसी परीक्षाओं की नि:शुल्क कोचिंग की सुविधा भी दी जा रही है। उन्होंने विद्यार्थियों को डॉक्टर, इंजीनियर, वकील के साथ-साथ उद्यमी और सार्वजनिक जीवन में सक्रिय बनने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह, स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह, सचिव स्कूल शिक्षा संजय गोयल, आयुक्त लोक शिक्षण शिल्पा गुप्ता सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
समेकित छात्रवृत्ति योजना के तहत प्रदेश के शासकीय और अशासकीय विद्यालयों के कक्षा 1 से 12 तक अध्ययनरत पात्र विद्यार्थियों को लाभ दिया जाता है। यह राशि एजुकेशन पोर्टल 3.0 के माध्यम से स्वीकृत की गई है। योजना के तहत छह विभागों की 20 प्रकार की छात्रवृत्तियों की राशि जारी की जाती है, जिनमें सामान्य निर्धन वर्ग छात्रवृत्ति, सुदामा प्री-मेट्रिक, स्वामी विवेकानंद पोस्ट मेट्रिक, पितृहीन कन्या और इकलौती बेटी शिक्षा विकास छात्रवृत्ति शामिल हैं।





