Dindori Breaking News : गर्भवती बैगा महिलाओं के पोषण आहार में भ्रष्टाचार : कार्यक्रम अधिकारी सहित 7 परियोजना अधिकारियों पर न्यायालय से मुकदमा दर्ज….

Rathore Ramshay Mardan
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मध्यप्रदेश के आदिवासी बहुल डिंडौरी जिले में विशेष संरक्षित पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय की गर्भवती महिलाओं के पोषण आहार में लाखों के भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यक्रम अधिकारी सहित सात परियोजना अधिकारियों पर न्यायालय ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।

— 17.40 लाख की राशि में गड़बड़ी, लाभार्थियों तक नहीं पहुंचा पोषण आहार

वर्ष 2013 में बैगा विकास अभिकरण द्वारा संरक्षण सह विकास योजना के अंतर्गत बैगा जनजाति की गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य परीक्षण, दवा एवं पोषण आहार वितरण के लिए ₹17 लाख 40 हजार की राशि स्वीकृत की गई थी। यह राशि 29 बैगा ग्रामों के लिए बैंकर्स चेक क्रमांक 51083 दिनांक 14 मार्च 2013 से जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग डिंडौरी को दी गई थी।

शिकायत के अनुसार, अधिकारियों ने बिना कार्ययोजना तैयार किए राशि को अपने विवेक से अन्य मदों में खर्च कर दिया। योजना के तहत लाभार्थी महिलाओं तक न तो पोषण आहार पहुंचा और न ही स्वास्थ्य परीक्षण कराए गए।

— पत्रकार चेतराम राजपूत की शिकायत पर मामला न्यायालय पहुंचा

मामले में पत्रकार चेतराम राजपूत ने भ्रष्टाचार और राशि गबन को लेकर शासन-प्रशासन से लेकर उच्च अधिकारियों तक शिकायत की थी। लेकिन कार्रवाई न होने पर उन्होंने जुलाई 2018 में न्यायालय में परिवाद दायर किया। परिवाद में अधिवक्ता गंभीरदास महंत के माध्यम से यह आरोप लगाया गया कि अधिकारियों ने राज्य शासन की योजनाओं का धन अपने निजी हित में दुरुपयोग किया है, जो भारतीय दंड संहिता की धाराओं 120-B, 403, 406, 408, 409, 420, 464, 467, 468, 471, 34 के तहत दंडनीय अपराध है।

— अपर कलेक्टर जांच में भी हुई गड़बड़ी की पुष्टि

अपर कलेक्टर कार्यालय द्वारा की गई जांच में पाया गया कि उपयोग की गई राशि का व्यय नियमों के अनुसार नहीं हुआ और परियोजना अधिकारियों द्वारा उपयोगिता प्रमाण पत्र बिना वास्तविक कार्य पूर्ण किए जारी कर दिए गए।

— पोषण राशि की मनमानी पुनर्वितरण की गई

रिपोर्ट के अनुसार, विभागीय अधिकारियों ने 29 ग्रामों की बजाय सभी विकासखंड़ों के 202 गांवों में राशि का मनमाना पुनर्वितरण किया। उपयोगिता प्रमाणपत्रों में फर्जी विवरण दिए गए। सोनपापड़ी, मूंगफली जैसे खाद्य पदार्थों की खरीद के नाम पर भी राशि निकाली गई, जबकि कई कार्यालयों में योजना संबंधी दस्तावेज ही नहीं मिले।

— जारी राशि का विवरण 

डिंडौरी परियोजना अधिकारी गिरीश बिल्लौरे: ₹2,70,000 (34 गांव)

शहपुरा परियोजना अधिकारी उदयवती तेकाम: ₹95,000 (19 गांव)

मेहंद्वानी परियोजना अधिकारी उदयवती तेकाम: ₹1,85,000 (37 गांव)

अमरपुर परियोजना अधिकारी त्रिलोक सिंह भवेदी: ₹1,90,000 (38 गांव)

समनापुर परियोजना अधिकारी खिल्ली नेति: ₹4,10,000 (28 गांव)

करंजिया परियोजना अधिकारी नीतू तिलगाम: ₹2,30,000 (23 गांव)

बजाग परियोजना अधिकारी मनमोहन कुशराम: ₹3,60,000 (23 गांव)

— न्यायालय का आदेश — धारा 420/34 भादवि में संज्ञान लिया गया

न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी श्रीमती कमला उईके ने प्रस्तुत दस्तावेजों और प्रारंभिक साक्ष्यों का अवलोकन करते हुए अभियुक्तगणों के विरुद्ध धारा 420/34 भादवि (धोखाधड़ी एवं समान आशय) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध करने का आदेश दिया है।

— अभियुक्त अधिकारी

श्रीमती कल्पना तिवारी, कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग

श्रीमती उदयवती तेकाम, परियोजना अधिकारी शहपुरा

गिरीश बिल्लौरे, परियोजना अधिकारी डिंडौरी

मनमोहन कुशराम, परियोजना अधिकारी बजाग

श्रीमती नीतू तिलगाम, परियोजना अधिकारी करंजिया

श्रीमती खिल्ली नेति, परियोजना अधिकारी समनापुर

त्रिलोक सिंह भवेदी, परियोजना अधिकारी अमरपुर

न्यायालय ने अभियुक्तों की उपस्थिति के लिए 29 दिसंबर 2025 की तिथि निर्धारित करते हुए सूचना पत्र जारी किया है।

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