— मुख्य सचिव अनुराग जैन ने विधानसभा बजट सत्र, पूंजीगत खर्च और सुशासन की समीक्षा की….
भोपाल। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने मंत्रालय में आयोजित बैठक में मध्यप्रदेश विधानसभा के आगामी बजट सत्र की तैयारियों के साथ शासकीय योजनाओं, पूंजीगत खर्च और सुशासन की समीक्षा की। उन्होंने विभागाध्यक्षों, अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिवों को निर्देश दिए कि केंद्रीय बजट के प्रावधानों के अनुरूप योजनाओं और परियोजनाओं के प्रस्ताव शीघ्र भारत सरकार को भेजे जाएं, ताकि प्रदेश को प्राथमिकता क्षेत्रों में अधिकतम लाभ मिल सके।
बैठक में विधानसभा बजट सत्र की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि पिछले सत्रों से लंबित शून्यकाल सूचनाएं, अपूर्ण उत्तर वाले प्रश्न, आश्वासन और लोक लेखा समिति की अनुशंसाओं से जुड़े मामलों का समय-सीमा में निराकरण किया जाए। उन्होंने विभागीय परामर्शदात्री समितियों की बैठकें आयोजित करने और विधानसभा को विभागीय प्रशासकीय प्रतिवेदन समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
पूंजीगत खर्च की समीक्षा
मुख्य सचिव ने कहा कि आर्थिक विकास में पूंजीगत खर्च की महत्वपूर्ण भूमिका है। अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी ने बताया कि इस वित्त वर्ष में पूंजीगत व्यय के लक्ष्यों की पूर्ति पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर रही है। मुख्य सचिव ने जिन विभागों में अभी भी राशि उपलब्ध है, उन्हें साप्ताहिक कार्ययोजना बनाकर वास्तविक व्यय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
केंद्रीय बजट प्रस्तावों पर फोकस
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि केंद्र सरकार के बजट प्रावधानों के अनुरूप सिटी इकोनॉमिक रीजन, डेडिकेटेड केमिकल और पेट्रोकेमिकल पार्क, मेगा टेक्सटाइल पार्क सहित अन्य परियोजनाओं के प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र भेजे जाएं। आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय के लिए प्रस्ताव भेजने पर आयुष विभाग की सराहना की गई।
उन्होंने नॉलेज एवं एजुकेशन सिटी, मेडिकल हब, नाइपर, फार्मास्युटिकल रिसर्च सेंटर, स्कूल-कॉलेजों के लैब, सी-मार्ट, हॉस्टल, स्किल डेवलपमेंट, पशुपालन और एमएसएमई ग्रोथ फंड जैसे क्षेत्रों में भी प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को माह में कम से कम एक बार केंद्र सरकार के संबंधित जॉइंट सेक्रेटरी से समन्वय रखने को कहा गया। भारत सरकार को भेजे जाने वाले सभी पत्रों की प्रतिलिपि आवासीय आयुक्त को भेजना अनिवार्य किया गया।
सुशासन सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्य सचिव ने कहा कि आमजन को मिलने वाली सेवाएं सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। उन्होंने रजिस्ट्री के बाद अविवादित नामांतरण समय-सीमा में सुनिश्चित करने, लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत अधिसूचित सेवाओं के आवेदनों का समयबद्ध निराकरण करने और साप्ताहिक समीक्षा करने के निर्देश दिए। 735 अधिसूचित सेवाओं में से शेष सेवाओं को ऑनलाइन करने और अप्रचलित सेवाओं को अलग करने की आवश्यकता बताई गई। सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों के त्वरित समाधान पर भी विशेष जोर दिया गया।
पीएम प्रगति में बेहतर प्रदर्शन
मुख्य सचिव ने पीएम प्रगति पोर्टल पर मध्यप्रदेश के बेहतर प्रदर्शन की जानकारी देते हुए अधिकारियों की सराहना की और इसी कार्यप्रणाली को सीएम मॉनिटरिंग में अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने ई-ऑफिस प्रणाली को पूर्ण रूप से लागू करने, मंत्रि-परिषद के निर्णयों के पालन की समीक्षा तथा नई नीतियों के क्रियान्वयन और उनके लाभ के आकलन के निर्देश भी दिए।
सोर्स : जनसंपर्क विभाग, मध्यप्रदेश।
