मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले के विकासखंड बजाग में जिला प्रशासन एवं वन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में वनग्रामों में पात्र हितग्राहियों को वनाधिकार पत्र प्रदान करने तथा संशोधन कार्य के लिए विशेष शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को कलेक्टर नेहा मारव्या ने विकासखंड बजाग के अंतर्गत वनग्राम तरच (ग्राम पंचायत भुरसी रैयत) एवं वनग्राम सिलपिडी (ग्राम पंचायत चाडा) में चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए।
वनग्राम तरच में 36 किसान पाए गए पात्र
ग्राम पंचायत भुरसी रैयत के वनग्राम तरच में आयोजित चौपाल के दौरान वनाधिकार पत्रों से संबंधित कुल 60 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 36 किसानों को पात्र पाया गया। कलेक्टर ने पटवारी, बीट गार्ड एवं सचिव को निर्देशित किया कि तीन दिवस के भीतर समस्त पात्र आवेदनों की जांच-पड़ताल कर ऑनलाइन प्रविष्टि की जाए, जिससे लाभार्थियों को समय पर वनाधिकार पत्र प्रदान किए जा सकें। साथ ही, जिन प्रकरणों में संशोधन की आवश्यकता है, उन्हें प्राथमिकता से सुधार कर अपलोड किया जाए।
चाडा में भवन निर्माण की मांग पर तत्परता
वनग्राम सिलपिडी, ग्राम पंचायत चाडा में आयोजित चौपाल के दौरान पंचायत सरपंच द्वारा पुराने पंचायत भवन की जर्जर स्थिति की जानकारी दी गई एवं नए भवन निर्माण की मांग रखी गई। इस पर कलेक्टर ने जनपद सीईओ बजाग को तत्काल आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस चौपाल में कुल 94 आवेदन प्राप्त हुए, जिन पर कलेक्टर ने पटवारी, सचिव एवं बीट गार्ड को दो दिवस के भीतर कार्यवाही पूर्ण कर “वनमित्र पोर्टल” पर प्रविष्टि सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। चौपाल में ग्रामीणों के वनाधिकार पत्र संबंधी विभिन्न मुद्दों पर भी गहन चर्चा की गई।
जमीनी स्तर पर कार्यों की निगरानी और समाधान की पहल
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा के अनुरूप वनाधिकार पत्रों का समयबद्ध वितरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी पात्र किसान को उसका अधिकार मिलने में देरी न हो। इस पहल से वनग्रामों के रहवासियों को न केवल अधिकार मिलेंगे, बल्कि उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति में भी सुधार आएगा।
