लोक शिक्षण विभाग में शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर जबलपुर संभाग के संयुक्त संचालक ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (मंडला एवं डिंडौरी को छोड़कर) को महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। जारी पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि उच्च पद प्रभार प्राप्त प्राथमिक शिक्षक किसी भी स्थिति में पदोन्नति से वंचित नहीं रहने चाहिए।
संयुक्त संचालक द्वारा जारी पत्र में बताया गया है कि 24 जुलाई 2026 को लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल में आयोजित बैठक में पदोन्नति प्रक्रिया की समीक्षा की गई। बैठक में यह तथ्य सामने आया कि कुछ जिलों में प्राथमिक शिक्षक से माध्यमिक शिक्षक के उच्च पद प्रभार प्राप्त शिक्षकों के नाम अंतिम पदक्रम सूची में शामिल नहीं किए गए, जिससे वे पदोन्नति के विचार क्षेत्र से बाहर हो गए।
पत्र में विशेष रूप से सिवनी जिले का उदाहरण देते हुए कहा गया है कि 1 अप्रैल 2025 की स्थिति में जिला स्तर पर जारी अंतिम पदक्रम सूची में कुछ पात्र शिक्षकों के नाम शामिल नहीं किए गए। इस स्थिति को गंभीर बताते हुए सभी जिलों को अपनी-अपनी पदक्रम सूची का पुनः परीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।
संयुक्त संचालक ने निर्देशित किया है कि स्थानांतरण अथवा अन्य कारणों से जिन पात्र शिक्षकों के नाम सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं, उनकी पृथक जानकारी तैयार कर पदक्रम सूची में आवश्यक संशोधन किया जाए। साथ ही पदक्रम सूची में संबंधित शिक्षकों के स्नातक स्तर के मुख्य विषय का पूर्ण विवरण भी दर्ज किया जाए।
पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी पात्र शिक्षक को पदोन्नति से वंचित किया जाता है तो उसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी की होगी। सभी आवश्यक जानकारी प्रमाणित एवं हस्ताक्षरित हार्डकॉपी सहित 29 जुलाई 2026 को आयोजित बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। यह आदेश जबलपुर संभाग के संयुक्त संचालक लोक शिक्षण घनश्याम सोनी द्वारा जारी किया गया है, जिसका उद्देश्य पदोन्नति प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं पात्र शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना है।




