डिंडौरी। शासकीय शिक्षक संगठन के जिला अध्यक्ष रामकुमार गर्ग ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित EHRMS पोर्टल को पूरी तरह असुविधाजनक बताते हुए गंभीर आपत्तियाँ जताई हैं। उन्होंने कहा कि विभागीय पोर्टल पर अतिथि शिक्षक, सहायक शिक्षक, उच्च श्रेणी शिक्षक, व्याख्याता, नवीन उच्च माध्यमिक, माध्यमिक एवं प्राथमिक शिक्षकों से संबंधित प्रमोशन, कर्मोन्नति, रिक्त पदों की जानकारी, वेतन, अवकाश तथा अन्य सभी प्रशासनिक कार्य ऑनलाइन दर्ज किए जाने हैं, लेकिन पोर्टल लगातार तकनीकी खामियों से ग्रसित है।
गर्ग ने बताया कि पोर्टल कई बार खुलता ही नहीं है और अवकाश आवेदन व वेतन प्रविष्टि जैसी अनिवार्य प्रक्रियाएँ लंबित रह जाती हैं। उपस्थिति दर्ज करने में भी बड़ी समस्या सामने आती है—“शिक्षक 10:59 बजे उपस्थिति दर्ज करते हैं, लेकिन पोर्टल 4:15 का समय दिखा देता है”, जिसके कारण न केवल शिक्षक बल्कि पोर्टल संभालने वाले ऑपरेटर भी परेशान हैं।
उन्होंने कहा कि इस अव्यवस्था से शिक्षक, कर्मचारी और विभागीय अधिकारी सभी प्रभावित हो रहे हैं। सरकार को चाहिए कि पोर्टल को पहले पूर्ण रूप से अपडेट और सुचारू करे, उसके बाद ही इसे अनिवार्य रूप से लागू करने पर जोर दे।
वहीं विधायक बिछिया नारायण सिंह पट्टा द्वारा उठाए गए प्रश्न पर मंत्री कुंवर विजय शाह के उस बयान का उल्लेख करते हुए गर्ग ने कहा कि मंत्री ने नेटवर्क न होने पर ऑफलाइन भुगतान की बात कही है, लेकिन वास्तविकता में कर्मचारियों को विभाग के कई चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। जिला अध्यक्ष ने शासन से मांग की है कि जनजातीय कार्य विभाग के शिक्षकों व कर्मचारियों की तकनीकी एवं प्रशासनिक समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए, ताकि अनावश्यक भ्रम, परेशानी और न्यायालय की चक्करबाजी से बचा जा सके।




