डिंडौरी। मनरेगा के तहत कार्य करने वाले जॉबकार्डधारी श्रमिक परिवारों के युवाओं को अब स्थायी आजीविका का अवसर मिलेगा। इसके लिए शासन द्वारा प्रोजेक्ट उन्नति के अंतर्गत ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) एवं प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के माध्यम से कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
वित्तीय वर्ष 2018-19 से अब तक मनरेगा अंतर्गत न्यूनतम 60 दिवस का कार्य करने वाले जॉबकार्डधारी परिवारों के इच्छुक एवं पात्र युवाओं को इस योजना का लाभ दिया जाएगा। योजना का मुख्य उद्देश्य अकुशल श्रमिकों एवं उनके परिवार के व्यस्क सदस्यों को कौशल प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार एवं स्थायी आजीविका से जोड़ना है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दिव्यांशु चौधरी ने बताया कि जिन जॉबकार्डधारी परिवारों ने पूर्व में प्रोजेक्ट उन्नति के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त नहीं किया है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर चयनित किया जाएगा। हितग्राहियों को उनकी रुचि एवं योग्यता के अनुसार आरसेटी और प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। जिले को वर्ष 2025-26 के लिए कुल 143 हितग्राहियों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
प्रोजेक्ट उन्नति के अंतर्गत 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के जॉबकार्डधारी परिवार के सदस्य पंजीकरण करा सकेंगे। हितग्राही चयन एवं पंजीयन की प्रक्रिया आरसेटी एवं राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से की जाएगी। विकासखंड स्तर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत नोडल अधिकारी होंगे, जिनके साथ विकासखंड प्रबंधक राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन एवं अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी दल में शामिल रहेंगे।
जिले के समस्त विकासखंडों की ग्राम पंचायतों में सचिव एवं ग्राम रोजगार सहायक द्वारा सर्वेक्षण कर इच्छुक एवं सक्षम उम्मीदवारों की पहचान की जाएगी। चयनित उम्मीदवारों की प्रारंभिक काउंसलिंग कर उनकी रुचि के अनुसार ट्रेड का चयन किया जाएगा। पात्र उम्मीदवारों का पंजीकरण कौशल पंजी एप एवं पोर्टल के माध्यम से 09 जनवरी 2026 तक किया जाएगा। इसके पश्चात चयनित ट्रेड के अनुसार उन्हें कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रोजेक्ट उन्नति के माध्यम से जिले के मनरेगा श्रमिक परिवारों के युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।




