Dindori News : मनरेगा में बड़ी गड़बड़ी का शक ! पौडीमाल में निजी भूमि पर बने परकुलेशन टैंक, जिला पंचायत ने बैठाई पुनः जांच समिति…

Rathore Ramshay Mardan
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सरकारी योजना या निजी फायदा? पौडीमाल में परकुलेशन टैंक निर्माण पर जांच के आदेश…

डिंडौरी। जनपद पंचायत डिंडौरी अंतर्गत ग्राम पंचायत पौडीमाल में परकुलेशन टैंक निर्माण कार्य को लेकर सामने आए गंभीर आरोपों के बाद जिला पंचायत डिण्डौरी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुनः जांच के आदेश जारी किए हैं। यह कार्रवाई समाचार पत्रों में प्रकाशित खबर के बाद की गई है, जिसमें आरोप लगाया गया था कि ग्राम पंचायत क्षेत्र में परकुलेशन टैंक का निर्माण भू-स्वामी की निजी भूमि पर कराया गया है।

जिला पंचायत डिण्डौरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इस मामले में पहले मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत डिण्डौरी द्वारा जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया था। प्राप्त प्रतिवेदन के पश्चात अब स्वतंत्र एवं विस्तृत पुनः जांच के उद्देश्य से उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है।

तीन परकुलेशन टैंकों की होगी दोबारा जांच

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि ग्राम पंचायत पौडीमाल में निर्मित कुल 03 परकुलेशन टैंक निर्माण कार्यों की पुनः जांच की जाएगी। जांच के दौरान यह परीक्षण किया जाएगा कि निर्माण कार्य शासन की योजनाओं, विशेषकर मनरेगा दिशा-निर्देशों, भूमि स्वामित्व नियमों एवं तकनीकी स्वीकृति के अनुरूप हैं या नहीं।

इन अधिकारियों को सौंपी गई जांच की जिम्मेदारी

जिला पंचायत द्वारा गठित समिति में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है, जिनमें—

अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत डिण्डौरी,

कार्यपालन यंत्री, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग, डिण्डौरी,

परियोजना अधिकारी (मनरेगा), जिला पंचायत डिण्डौरी,

सहायक यंत्री, जनपद पंचायत करंजिया,

एवं सहायक लेखाधिकारी, जनपद पंचायत डिण्डौरी शामिल हैं।

समिति को निर्देश दिए गए हैं कि वह स्थल निरीक्षण, अभिलेख परीक्षण एवं संबंधित पक्षों के कथनों के आधार पर स्पष्ट अभिमत सहित जांच प्रतिवेदन निर्धारित समय सीमा में जिला पंचायत कार्यालय को अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करना होगा।

मनरेगा कार्यों में पारदर्शिता पर प्रशासन सख्त

सूत्रों के अनुसार, यदि जांच में यह प्रमाणित होता है कि शासकीय योजनाओं के तहत कराए गए निर्माण कार्य निजी भूमि पर नियमों के विरुद्ध किए गए हैं, तो संबंधित जिम्मेदारों पर अनुशासनात्मक एवं वित्तीय कार्रवाई की जा सकती है। जिला पंचायत की यह कार्रवाई स्पष्ट संकेत देती है कि प्रशासन मनरेगा एवं जल संरक्षण कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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