डिंडौरी। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सड़क सुरक्षा समिति की मासिक बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिले की सड़क सुरक्षा स्थिति, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों, अतिक्रमण, सड़क सुधार कार्य और यातायात व्यवस्था की बारीकी से समीक्षा की गई। बैठक में कलेक्टर ने नेशनल हाईवे जबलपुर–अमरकंटक 45 के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर की अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए उन्हें नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। नगर क्षेत्र में बढ़ते अतिक्रमण पर नाराजगी जताते हुए नगर पालिका को तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया, ताकि राहगीरों को सुगम यातायात उपलब्ध हो सके।
कलेक्टर ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी को दुर्घटना संभावित मोड़ों पर संकेतक और रेडियम पट्टियां लगाने के निर्देश दिए। किकरझर घाट के खतरनाक मोड़ को सीधा करने और सड़क किनारे झाड़ियों की तत्काल सफाई के आदेश दिए गए। इसी के साथ शारदा टेकरी, मूसरघाट–नेवसा, किकरझर घाट सहित चिन्हित संवेदनशील मोड़ों पर सुधार कार्य में तेजी लाने को कहा गया। नगर परिषद को साकेत नगर रोड पर चल रहे सड़क मरम्मत और नाली निर्माण कार्य को समय सीमा में पूरा करने के निर्देश देते हुए उन्होंने वीरांगना रानी अवंतीबाई चौक से अतिक्रमण हटाने के लिए राजस्व और नगर पालिका टीम द्वारा संयुक्त कार्रवाई करने को कहा।
पुरानी डिंडौरी में सड़क किनारे लगने वाली सब्जी मंडी के कारण बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए कलेक्टर ने बाजार को रेस्ट हाउस के नीचे चिन्हित स्थल पर स्थानांतरित करने और स्थल को समतल कर दुकानदारों को सुविधाजनक व्यवस्था उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। नगर में ऑटो पार्किंग की समस्या को देखते हुए ट्रैफिक और नगर पालिका अधिकारियों को उपयुक्त स्थान चिन्हित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
बैठक में 01 जनवरी 2024 से 30 अक्टूबर 2025 तक जिले में दर्ज 28 हिट एंड रन मामलों की समीक्षा भी की गई। कलेक्टर ने ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई और निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया। सड़क पर गोवंश की मौजूदगी को दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण मानते हुए उन्होंने नगर परिषद को अभियान चलाकर अवारा पशुओं को गौशाला भेजने और ग्रामीण इलाकों में ग्राम कोटवारों द्वारा मुनादी कर लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने गोवंश के सींग और गले में रेडियम पट्टी लगाने को अत्यंत आवश्यक बताया, जिससे रात में होने वाली दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सके।
बैठक में राहवीर (गुड सेमेरिटन) योजना 2025 पर भी व्यापक चर्चा हुई। कलेक्टर ने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को Golden Hour में अस्पताल पहुँचाने वाले राहवीर को 25,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि और प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा। राष्ट्रीय स्तर पर चयनित दस श्रेष्ठ राहवीरों को एक लाख रुपये का सम्मान दिया जाएगा। यह योजना लोगों को घायल व्यक्तियों की जान बचाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से लागू की गई है।
बैठक में पुलिस अधीक्षक श्रीमती वाहिनी सिंह, अपर कलेक्टर जे.पी. यादव, एसडीएम डिंडौरी सुश्री भारती मेरावी, बजाग एसडीएम रामबाबू देवांगन, शहपुरा एसडीएम ऐश्वर्य वर्मा, परिवहन अधिकारी सुरेंद्र गौतम सहित यातायात और परिवहन विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।




