— पशुपालकों ने की गौपूजा, मोनीहर बालकों ने निभाई परंपरा
डिंडौरी। दीपावली के उपरांत मनाए जाने वाले गोवर्धन पूजन पर्व को जिलेभर में पारंपरिक श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। जिला मुख्यालय डिंडौरी में जबलपुर बायपास के पास पशुपालकों ने एकत्रित होकर गौमाता की विधि—विधानपूर्वक पूजा-अर्चना की।

इस अवसर पर पशुपालकों द्वारा पारंपरिक रीति से गोवर्धन पर्वत का प्रतीक स्वरूप तैयार कर पूजा की गई। वहीं, मोनीहर (उपवास) रहने वाले बालकों ने भी पूरे भक्ति भाव से पूजा-अर्चना कर गायों को बिचकाया (दौड़ाकर ) और आशीर्वाद प्राप्त कर चारा चराने ले जाया गया।

पूजन स्थल पर धार्मिक वातावरण के बीच श्रद्धालुओं ने गौसेवा, पर्यावरण संरक्षण और एकता का संदेश दिया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीयजन, महिलाएं और बच्चे उपस्थित रहे। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने कहा कि गोवर्धन पूजा भारतीय संस्कृति में गौमाता, प्रकृति और पर्यावरण के प्रति सम्मान का प्रतीक है, जिसे हर वर्ष दीपावली के अगले दिन मनाया जाता है।




