मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में प्रशासनिक कामकाज की समीक्षा, त्योहारों में सुरक्षा और विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
डिंडौरी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में प्रदेशभर के प्रशासनिक कामकाज, कानून-व्यवस्था, जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। कॉन्फ्रेंस में स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने वाले पटवारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वहीं, सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने और विकास कार्यों को गति देने पर भी जोर दिया गया।
कॉन्फ्रेंस में आगामी त्योहारों एवं मेलों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा की गई। पटाखों की थोक एवं फुटकर दुकानों के वैध लाइसेंस सुनिश्चित करने, सुरक्षा मानकों का पालन कराने तथा खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान और सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा के दौरान सर्वाधिक लंबित शिकायतों वाले विभागों की स्थिति पर चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि शिकायतों का निराकरण निर्धारित समय-सीमा में किया जाए, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
स्वामित्व योजना में कम रजिस्ट्रियों पर होगी कार्रवाई
स्वामित्व योजना की प्रगति की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने योजना के तहत 10 से कम रजिस्ट्रियां कराने वाले पटवारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। अधिकारियों से योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने और निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा कराने को कहा गया। इस निर्देश को योजना की प्रगति में तेजी लाने और मैदानी स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
कॉन्फ्रेंस में सामान्य से अधिक एवं कम वर्षा वाले क्षेत्रों की स्थिति, मौसम परिवर्तन के कारण होने वाली बीमारियों की रोकथाम तथा वर्षा ऋतु के बाद निर्माण कार्यों में तेजी लाने पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को विकास कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे कराने और योजनाओं के क्रियान्वयन की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा 31 अक्टूबर को लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर राष्ट्रीय एकता दिवस के आयोजन तथा गोपाल कृष्ण गोखले ग्राम पुरस्कार योजना से जुड़े विषयों की भी समीक्षा की गई।
कॉन्फ्रेंस में डिंडौरी जिले से कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया, पुलिस अधीक्षक आशीष खरे, अपर कलेक्टर जे.पी. यादव, संयुक्त कलेक्टर भारती मेरावी, एसडीएम डिंडौरी रामबाबू देवांगन, डिप्टी कलेक्टर अक्षय डिगरसे एवं प्रियांशी जैन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
