37.49 लाख के पंचायत भवन निर्माण में कथित अनियमितता, मजदूरों का भुगतान लंबित; विधवा महिला ने भी लगाई न्याय की गुहार
डिंडौरी। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मंगलवार को आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में पंचायत निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं, लंबित भुगतान, भूमि विवाद, पारंपरिक पूजा स्थल की सुरक्षा और कब्रिस्तान तक पहुंच मार्ग जैसी समस्याएं सामने आईं। जिला पंचायत के सीईओ दिव्यांशु चौधरी ने नागरिकों की शिकायतें सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को मामलों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने और आवेदनों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में ग्राम पंचायत धनुवासागर के वार्ड क्रमांक-8 की निर्वाचित पंच सुनीता बाई ने तालाब के समीप पुलिया निर्माण कार्य का मूल्यांकन होने के बावजूद मजदूरों और सामग्री आपूर्तिकर्ताओं का भुगतान लंबित रहने की शिकायत की। आवेदन के अनुसार, पंद्रहवें वित्त आयोग की अनटाइड फंड राशि से 2.58 लाख रुपये की स्वीकृति के तहत निर्माण कार्य कराया गया था। आवेदिका ने निर्माण कार्य का सत्यापन कराने, भुगतान संबंधी अभिलेखों की जांच के लिए त्रिस्तरीय टीम गठित करने और बकाया राशि का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की।
37.49 लाख के पंचायत भवन निर्माण पर उठे सवाल
ग्राम पंचायत धुर्रा के पंचों और ग्रामीणों ने 37.49 लाख रुपये की स्वीकृति वाले अटल ग्राम सेवा सदन (पंचायत भवन) का निर्माण लगभग चार महीने से अधूरा होने की शिकायत की। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य के मूल्यांकन और राशि आहरण में कथित अंतर का मुद्दा उठाते हुए बिल-वाउचर, भुगतान अभिलेखों तथा वित्त आयोग की राशि के उपयोग की जांच कराने की मांग की। उन्होंने अनियमितता प्रमाणित होने पर संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग रखी। इस पर सीईओ जिला पंचायत ने संबंधित विभागीय अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
पारंपरिक पूजा स्थल की सुरक्षा की मांग
ग्राम लिखनी, ग्राम पंचायत मझियाखार के ग्रामीणों ने पीढ़ियों से पूजित देवी-देवताओं के पारंपरिक पूजा स्थल को सुरक्षित रखने की मांग की। ग्रामीणों के अनुसार, पूजा स्थल के समीप आबादी भूमि को लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई है। स्वामित्व योजना के अंतर्गत भूमि संबंधी दस्तावेज तैयार होने के बाद उनकी परेशानी बढ़ गई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए सीईओ ने संबंधित विभाग को जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
विधवा महिला ने जमीन पर कब्जे की शिकायत की
ग्राम रहंगी, विकासखंड समनापुर की लगभग 60 वर्षीय विधवा एवं निःसंतान महिला कुसुम बाई ने अपनी भूमि पर कथित अवैध कब्जे, घर से निकाले जाने और धमकियां दिए जाने की शिकायत की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत आवास का निर्माण भी नहीं होने दिया जा रहा है। महिला ने भूमि अभिलेखों की जांच कर अपनी संपत्ति और आवास की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। सीईओ जिला पंचायत ने एसडीएम डिंडौरी को प्रकरण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
नहर निर्माण का भुगतान वर्षों से लंबित
बिलगांव जलाशय नहर निर्माण कार्य में रेत और गिट्टी की आपूर्ति करने वाले व्यापारियों ने वर्ष 2023-24 से भुगतान लंबित रहने की शिकायत जनसुनवाई में रखी। आवेदन में प्रोपराइटर कमल कुमार अग्रवाल की लगभग 1.35 लाख रुपये और आर.के. ट्रेडर्स के प्रोपराइटर राजेंद्र रजक की लगभग 12 लाख रुपये की बकाया राशि का उल्लेख किया गया। आवेदकों ने बताया कि संबंधित विभागीय अधिकारियों से कई बार संपर्क करने के बावजूद भुगतान नहीं हुआ। उन्होंने मामले की जांच कर लंबित राशि का भुगतान कराने की मांग की।
वहीं, ग्राम धनुवासागर, पोस्ट छांटा के ग्रामीणों ने कब्रिस्तान तक पहुंच मार्ग नहीं होने की समस्या उठाई। ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए संबंधित विभाग को जांच कर समस्या के समाधान के निर्देश दिए गए।
जनसुनवाई में स्वास्थ्य जांच की सुविधा भी मिली
जनसुनवाई में शिकायतें लेकर पहुंचे नागरिकों के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वास्थ्य जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई। इस दौरान नागरिकों का रक्तचाप, मधुमेह सहित आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच के आधार पर आवश्यक परामर्श देते हुए नियमित स्वास्थ्य जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की जानकारी दी।
समय-सीमा में शिकायतों का निराकरण करें अधिकारी
सीईओ जिला पंचायत दिव्यांशु चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का गंभीरता से परीक्षण किया जाए। जिन प्रकरणों का मौके पर निराकरण संभव है, उनका तत्काल समाधान किया जाए, जबकि शेष मामलों में नियमानुसार कार्रवाई करते हुए निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान कर उन्हें समय पर राहत दिलाना है।
जनसुनवाई में संयुक्त कलेक्टर भारती मेरावी, एसडीएम डिंडौरी रामबाबू देवांगन, डिप्टी कलेक्टर अक्षय डिगरसे, डिप्टी कलेक्टर प्रियांशी जैन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

